विश्व पर्यावरण दिवस पर कृषि विज्ञान केन्द्र, सागर द्वारा जागरूकता कार्यक्रम, रैली एवं पौधरोपण का आयोजन
सागर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र, सागर द्वारा ग्राम एकपना बसोंना , में कोलुआ, बरखेड़ा एवं आसपास के ग्रामों के किसानों को एकत्रित कर पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, पोषण सुरक्षा तथा खरीफ फसलों की उन्नत खेती विषयक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का आयोजन केविके से श्री मयंक मेहरा , तकनीकी अधिकारी एवं मानव विकास से परियोजना समन्वयक आनंद कोरी के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र, सागर के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. के. एस. यादव ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “पेड़ हैं तो हम हैं। वृक्ष हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करते हैं तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।” उन्होंने प्रधानमंत्री जल गंगा संवर्धन अभियान, वर्षा जल संचयन, खेत-तालाब योजना तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर किसानों को आगामी खरीफ मौसम में सोयाबीन, उड़द एवं मूंग की उन्नत खेती, अनियमित वर्षा एवं जलवायु परिवर्तन की परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली कृषि तकनीकों तथा जल संरक्षण आधारित कृषि प्रबंधन की जानकारी प्रदान की गई।
श्री मयंक मेहरा ने न्यूट्री स्मार्ट विलेज की अवधारणा, संतुलित पोषण, सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व तथा परिवार के पोषण स्तर में सुधार हेतु स्थानीय स्तर पर पोषण वाटिका एवं फलदार वृक्षों की भूमिका के बारे में जानकारी दी। विशेष रूप से महिलाओं को पोषण सुरक्षा एवं संतुलित आहार के महत्व से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान फलदार पौधों के रोपण की उन्नत तकनीकों का प्रदर्शन कर किसानों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। पौधों को प्रदर्शन स्वरूप लगाकर गड्ढा तैयारी, पौधरोपण, पोषण प्रबंधन एवं संरक्षण की विधियों को समझाया गया। साथ ही लगभग 50 फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया।
विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में स्कूली बच्चों एवं ग्रामीणों की सहभागिता से एक जागरूकता रैली निकाली गई। बच्चों के लिए निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिससे उनमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित हुई। आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं सार्वजनिक स्थलों पर भी पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों, कर्मचारियों, ग्रामीण महिलाओं तथा प्रगतिशील किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।मानव विकास की ओर से प्रमुख रूप से श्री रामसेवक पटेल, श्री रवि पटेल, श्री जितेन्द्र पटेल, प्रगतिशील कृषक श्री नरेन्द्र पटेल, श्री पूरन पटेल, श्री निलेश पटेल, श्री पालतू पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, जल बचत, पौधरोपण एवं पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया तथा स्वच्छ एवं हरित वातावरण के और आगे बढ़ाने हेतु अन्य लोगों में जागरूकता पैदा करने की शपथ ली।


