भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का अधिकारियों और कर्मचारियों के ‘RSS प्रेम’ पर दिया गया एक बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तेजी से वायरल हो रहा है। भोपाल के मानस भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने मंच से नौकरशाही पर तीखा तंज कसा। इस दौरान मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद थे।
अफसरों के संघ प्रेम पर कसा तंज
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार आई है, हर छोटा-बड़ा अधिकारी और कर्मचारी खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का स्वयंसेवक साबित करने में जुट गया है।
उन्होंने अधिकारियों की कार्यशैली पर चुटकी लेते हुए कहा:
> “हम सरकार में हैं और जो भी अधिकारी हमसे मिलने आता है, वह कहता है- ‘सर, मैं जब शाजापुर में था, तो माखन सिंह जी जो शाखा लगाते थे, मैं उसमें जाता था।’ हमारी सरकार में जो भी अधिकारी आता है, वह कहता है कि मैंने भी पट्टी बांधी है, मैंने भी बेल्ट बांधी है और चड्डी पहनी है। सरकार आने के बाद मानो सब संघ के हो गए हैं और हर अधिकारी संघ का हो गया है।”
— Gajendra Thakur (@kka_news) June 28, 2026
शाखा में अध्यक्ष पद पर उठाए सवाल
विजयवर्गीय ने एक वाकये का जिक्र करते हुए कहा कि एक अधिकारी ने उनसे आकर कहा कि मेरे पिताजी संघ की शाखा के अध्यक्ष थे। इस पर कटाक्ष करते हुए मंत्री ने कहा, “अब मैं उससे क्या बोलूं, जबकि शाखा में तो अध्यक्ष जैसा कोई पद होता ही नहीं है। सब अपने-अपने तरीके से खुद को जोड़ने में लगे हैं और अब वहां बहुत भीड़ हो गई है।”
भीड़ में अच्छे इंसानों की कमी पर जताई चिंता
मंत्री ने संगठन में अचानक बढ़ती इस भीड़ और गुणवत्ता पर चिंता जताते हुए कहा कि आज संगठन बढ़ रहा है और कहने के लिए विचारधारा भी बढ़ रही है, लेकिन इस भीड़ में अच्छे इंसानों की कमी होती जा रही है। उन्होंने पुराने संघियों (जैसे शालिग्राम तोमर, देवधर जी और सदाशिव जी) का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर संगठन में अच्छे और संस्कारित इंसान नहीं होंगे, तो ऐसी विचारधारा का कोई महत्व नहीं रह जाएगा। इस विषय पर हम सभी को चिंतन और आत्म-मंथन करने की आवश्यकता है।
कैलाश विजयवर्गीय का यह बयान अब प्रशासनिक और राजनीतिक हल्कों में चर्चा और विवाद का विषय बना हुआ है।


