नरयावली में अवैध पेट्रोलियम पदार्थ का बड़ा भंडाफोड़, 69 टंकियां, ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त; चार आरोपी गिरफ्तार
सागर। जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नरयावली पुलिस ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित और परिवहन किए जा रहे ज्वलनशील पेट्रोलियम पदार्थ का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से लगभग 4 लाख रुपये मूल्य का पेट्रोलियम पदार्थ, एक ट्रक, एक ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा चार आरोपियों को पकड़कर उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। मामले में पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है।
पुलिस के अनुसार थाना नरयावली प्रभारी उप निरीक्षक प्रतिमा मिश्रा अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रही थीं। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम किशनपुरा स्थित सौरभ ढाबा पर एक ट्रक में अवैध रूप से पेट्रोल, डीजल अथवा अन्य ज्वलनशील पेट्रोलियम पदार्थ से भरी टंकियां लोड की जा रही हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान ट्रक क्रमांक MP-09-HH-2834 में टंकियां लोड करते हुए शिवकुमार यादव, गौरव यादव, वीरेन्द्र यादव और ट्रक चालक हेमराज कोरी मिले। पूछताछ में चारों आरोपी पेट्रोलियम पदार्थ के भंडारण और परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सके।
पुलिस ने ट्रक एवं बिना नंबर के लाल रंग के महिंद्रा ट्रैक्टर-ट्रॉली की तलाशी ली, जिसमें 200-200 लीटर क्षमता की कुल 69 प्लास्टिक टंकियां बरामद हुईं। प्रारंभिक जांच में 21 टंकियों में लाइट डीजल ऑयल तथा 48 टंकियों में मिश्रित ज्वलनशील पदार्थ (मिक्स सॉल्वेंट) होना पाया गया। सभी टंकियों को जब्त कर प्रत्येक से एक-एक लीटर के कुल 69 नमूने लेकर सीलबंद किए गए हैं, जिन्हें परीक्षण के लिए सुरक्षित रखा गया है।
पुलिस का कहना है कि बरामद ज्वलनशील पदार्थ का अवैध भंडारण किया जा रहा था। साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि यह पदार्थ कहीं चोरी का तो नहीं है। इतना ही नहीं, इस प्रकार के ज्वलनशील पदार्थ का अवैध भंडारण पर्यावरण और आमजन की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
इस मामले में थाना नरयावली में अपराध क्रमांक 151/2026 दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2), 280 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 एवं 7 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के स्रोत, पेट्रोलियम पदार्थ के वास्तविक स्वामित्व तथा इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।
अब उठ रहे बड़े सवाल
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में कई सवाल उठने लगे हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर यह अवैध गोरखधंधा कितने महीनों या वर्षों से संचालित हो रहा था? इतनी बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ का भंडारण और परिवहन बिना किसी की नजर में आए कैसे होता रहा? स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस अवैध कारोबार के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या किसी स्तर पर संरक्षण भी मिल रहा था। लोगों ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है, आरोपी किसी नेता के प्रतिनिधि भी बताया गया हैं।
कार्रवाई में उप निरीक्षक प्रतिमा मिश्रा, उप निरीक्षक अनिल कुजूर, प्रधान आरक्षक जितेंद्र दुबे, प्रधान आरक्षक सतीश कतरे, आरक्षक बी.आर. पटेल तथा आरक्षक लखन प्रजापति की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


