टूटते रिश्तों में फिर लौटी मिठास, न्यायालय की समझाइश से साथ रहने को तैयार हुए दंपत्ति

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टूटते रिश्तों में फिर लौटी मिठास, न्यायालय की समझाइश से साथ रहने को तैयार हुए दंपत्ति

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सागर। माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश महोदय एम.के. शर्मा साहब के न्यायालय में आवेदक ने अनावेदिका के विरूद्ध दामपत्य जीवन की पुर्नस्थापना हेतु प्रकरण लगाया था क्योंकि अनावेदिका आये दिन मायके चली जाती थी। दिनांक 17.08.2021 से उभयपक्ष पृथक-पृथक निवास कर रहे थे अनावेदिका आवेदक के साथ रहने के लिये तैयार नहीं थी क्योंकि उनके मध्य वाद-विवाद होता रहता था। पीठासीन अधिकारी द्वारा उभयपक्ष को पृथक-पृथक एवं संयुक्त रूप से समझाईश देने के फलस्वरूप आवेदक व अनावेदिका साथ-साथ रहने को तैयार हुये और प्रकरण निराकृत हो गया।
पीठासीन अधिकारी कुटुम्ब न्यायालय, श्री अखिलेष कुमार मिश्र के न्यायालय में 02 वर्ष से आपसी विवाद एवं वैचारिक मतभेद होने से आवेदक एवं अनावेदिका अलग-अलग रह रहे थे। दोनों की एक 14 वर्षीय पुत्री होने के बाद भी मतभेद समाप्त न होने से आवेदक एवं अनावेदिका के द्वारा माननीय न्यायालय के समक्ष विवाह विच्छेद का आवेदन प्रस्तुत किया था, जिसमें उभयपक्ष के माननीय न्यायालय के समक्ष पुनः कथन होने के पूर्व माननीय पीठासीन अधिकारी द्वारा पुत्री के भविष्य के बारे में उभयपक्षों को समझाईश दी तब उभयपक्ष साथ रहने को तैयार हो गए और उभयपक्ष द्वारा प्रस्तुत विवाह विच्छेद आवेदन पत्र पर कोई कार्यवाही न . करते हुए आपसी राजीनामा कर एक साथ रहने को तैयार हो गए।

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