जैन साध्वियों की मौत पर सागर में उबाल, मौन जुलूस निकालकर संत सुरक्षा की उठी मांग
सागर। रीवा में 20 मई को सड़क हादसे में दो जैन साध्वियों की मौत के बाद सागर सहित पूरे प्रदेश के जैन समाज में आक्रोश देखने को मिल रहा है। घटना के विरोध में सोमवार को सागर में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा मौन जुलूस निकाला गया और संतों की सुरक्षा को लेकर शासन-प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की गई।
सुबह 8 बजे समाज के लोग गौराबाई और पार्श्वनाथ मंदिर, कटरा नमकमंडी में एकत्रित हुए। यहां से सभी लोग पैदल मौन जुलूस के रूप में कोतवाली थाना पहुंचे। समाज की ओर से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर के नाम सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिसेन और सीएसपी कश्यप को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में साध्वियों को कार से कुचलने वाले आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और संत सुरक्षा नीति लागू करने की मांग की गई।
मौन जुलूस में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। पुरुष सफेद वस्त्रों में जबकि महिलाएं पीले-केसरिया रंग की साड़ी पहनकर शामिल हुईं। कार्यक्रम में जैन समाज के अध्यक्ष मुकेश जैन ढाना, महेश बिलहरा, संतोष घड़ी, पूर्व विधायक सुनील जैन, सुधा जैन सहित विभिन्न संगठनों और मंदिरों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
वहीं, इस घटनाक्रम के विरोध में बांदरी और जरुआखेड़ा में भी जैन समाज ने मौन जुलूस निकालकर विरोध दर्ज कराया। बांदरी में जैन मंदिर से निकले जुलूस में महिला, पुरुष और बच्चों ने काली पट्टी बांधकर घटना के खिलाफ प्रदर्शन किया और थाने पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इसी तरह जरुआखेड़ा सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में भी समाज ने जुलूस निकालकर अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाईं।
ज्ञापन में जैन समाज ने घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच, एसआईटी और न्यायिक जांच, संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने और संतों के खिलाफ अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में शामिल करने जैसी मांगें रखीं।


