सागर में जलाशय की नहर मरम्मत में लापरवाही, किसानों ने जताई नाराजगी
सागर। शाहगढ़ क्षेत्र के चंदिया जलाशय की मुख्य नहर की मरम्मत कार्य को लेकर किसानों ने जल संसाधन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि रवि सीजन में गेहूं की फसल के अंतिम पानी के दौरान टूटी नहर की मरम्मत में केवल खानापूर्ति की जा रही है, जिससे भविष्य में फिर नहर टूटने का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार जब उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए तो मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें डराने और रौब दिखाने का प्रयास किया। किसानों का कहना है कि यदि मरम्मत सही तरीके से नहीं हुई तो आगामी सिंचाई सीजन में उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ सकती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मरम्मत कार्य में जेसीबी मशीन का उपयोग कर नहर के सोल्डर और लाइनर को भी नुकसान पहुंचाया गया है। पुलिया निर्माण के दौरान नहर का बेड और लाइनर टूट गए, जिससे आगे दोबारा नहर क्षतिग्रस्त होने की आशंका बढ़ गई है।
किसानों का यह भी आरोप है कि नारायणपुरा तालाब की मिट्टी का उपयोग फोरलेन सड़क निर्माण के भराव कार्य में किया जा रहा है और उसी ठेकेदार से नहर मरम्मत का कार्य कराकर औपचारिकता निभाई जा रही है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि बाद में लाखों रुपए के बिल लगाकर भुगतान निकाला जा सकता है।
मामले में जल संसाधन विभाग के जिला अधिकारी बिल्थरे से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं एसडीओ जीएस चौधरी ने कहा कि कार्य सही तरीके से कराया जा रहा है और बिना बजट के भी मरम्मत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “कोई नेतागिरी न करे।”
किसानों का कहना है कि चंदिया जलाशय से निकली यह नहर क्षेत्र के किसानों की जीवनरेखा है, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण इसकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर टिकी है कि विभाग इस मामले में गंभीरता दिखाता है या नहीं।


