सिर पर लाठी मारकर हत्या: चार दोषियों को 7-7 साल की सजा, केंद्रीय जेल भेजे गए
सागर। जिला न्यायालय ने थाना सानौधा क्षेत्र के ग्राम टडा में हुए आपराधिक मानव वध के मामले में चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास और कुल ₹2000 जुर्माने की सजा सुनाई है। फैसला सप्तम जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री उत्तम कुमार डार्बी की अदालत ने सुनाया। सजा के बाद सभी दोषियों को केंद्रीय जेल सागर भेज दिया गया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक दीपक पौराणिक ने बताया कि घटना 14 अप्रैल 2024 की शाम करीब 5:30 बजे थाना सानौधा क्षेत्र के ग्राम टडा में हुई थी। फरियादी सौरभ अहिरवार हैंडपंप के पास मौजूद था, तभी आरोपी हरिदास ने पुरानी रंजिश को लेकर गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर सौरभ ने अपने पिता राजू अहिरवार और मां तुलसा बाई को मौके पर बुलाया।
इसी दौरान आरोपी चंदू, रविदास और करी भी लाठियां लेकर पहुंच गए। मृतक राजू द्वारा विरोध करने पर हरिदास ने उसके सिर पर लाठी से हमला कर दिया, जिससे गंभीर चोट आई और खून बहने लगा। अन्य आरोपियों ने भी मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचे सौरभ और तुलसा बाई के साथ भी मारपीट की गई।
घटना के बाद घायल राजू को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच के बाद चालान न्यायालय में पेश किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 21 गवाहों के बयान कराए, जिनमें प्रत्यक्षदर्शी, चिकित्सीय, पुलिस और प्रशासनिक साक्षी शामिल रहे। साथ ही 37 से अधिक दस्तावेज और 9 आर्टिकल भी न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।
न्यायालय ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग-2/34 के तहत अपराध सिद्ध मानते हुए 7-7 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹1000 जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं धारा 323/34 के तहत सौरभ और तुलसा बाई के साथ मारपीट के मामले में अलग-अलग एक-एक वर्ष का कारावास और ₹500-₹500 जुर्माना लगाया गया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।



