यादगार मुकदमा : परिवार के दबाव में प्रेमी पर लगवाया दुष्कर्म केस, बालिग होते ही हाईकोर्ट पहुंचकर युवती ने रेप केस से कराया मुक्त
ग्वालियर के बहोड़ापुर क्षेत्र से तीन साल पुराना एक ऐसा मामला सामने आया, जिसकी कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। एक नाबालिग युवती ने परिवार के दबाव में अपने प्रेमी पर अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया, लेकिन बालिग होने के बाद उसने खुद हाईकोर्ट पहुंचकर युवक को झूठे आरोपों से मुक्त करवाने की पहल की।
मामले में युवती की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता प्रशांत चौहान ने इसे अपने करियर का यादगार मुकदमा बताया। उनका कहना है कि युवती स्वयं उनके पास पहुंची और युवक के खिलाफ दर्ज केस को खत्म करवाने की इच्छा जताई।
ऐसे शुरू हुआ मामला
करीब तीन वर्ष पहले बहोड़ापुर थाने में एक युवक के खिलाफ नाबालिग छात्रा के अपहरण, बंधक बनाकर रखने और बाद में पॉक्सो एक्ट के तहत दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में कहा गया था कि छात्रा कोचिंग पढ़ने घर से निकली थी, लेकिन युवक उसे अपने साथ ले गया और अपने घर पर रखा।
बाद में युवती के घर लौटने पर परिवार की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज हुआ और युवक को कोर्ट में ट्रायल फेस करना पड़ा।
बालिग होते ही बदल दिया फैसला
समय बीतने के बाद युवती बालिग हुई तो उसने युवक को झूठे आरोपों से मुक्त कराने का फैसला लिया। अधिवक्ता प्रशांत चौहान के मुताबिक युवती ने कोर्ट के सामने स्वीकार किया कि उसने परिवार के दबाव में आकर शिकायत दर्ज करवाई थी और युवक ने उसके साथ कोई गलत काम नहीं किया था।
युवती की गवाही और राजीनामे के आधार पर कोर्ट ने युवक को राहत दे दी।
परिवार को भनक तक नहीं लगी
बताया गया कि युवती ने इस पूरे राजीनामे की जानकारी अपने परिवार को नहीं लगने दी थी। वह तय तारीख पर चुपचाप कोर्ट पहुंची और बयान दर्ज कराए। हालांकि बाद में परिवार को इसकी जानकारी लगी तो घर में विवाद की स्थिति बन गई और युवती को डांट-फटकार व प्रताड़ना का सामना भी करना पड़ा।


