जनगणना 2027: सागर में प्रथम चरण शुरू, कलेक्टर ने की मकान गणना में सहयोग की अपील
सागर | भारत की आगामी जनगणना 2027 के महाअभियान का शंखनाद हो चुका है। सागर जिले में शनिवार से प्रगणकों और पर्यवेक्षकों ने घर-घर पहुंचकर मकान सूचीकरण का कार्य शुरू कर दिया है। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे प्रगणकों को सही जानकारी उपलब्ध कराकर इस राष्ट्रीय कार्य में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें।
डिजिटल तकनीक का हो रहा उपयोग
श्रीमती पाल ने बताया कि इस बार की जनगणना आधुनिक और डिजिटल स्वरूप में हो रही है। जिले में 628 प्रगणक इस कार्य के लिए तैनात किए गए हैं। इस प्रक्रिया की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
* मोबाइल ऐप से संकलन: सभी जानकारी प्रगणकों द्वारा एक विशेष ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप से दर्ज की जा रही है।
स्व-गणना (Self-Enumeration): जो नागरिक स्वयं गणना कर चुके हैं, वे प्रगणकों को अपना एसईआईडी (SEID) नंबर साझा कर सत्यापन प्रक्रिया को आसान बना रहे हैं।
नक्शा तैयार करना: प्रगणक न केवल जानकारी जुटा रहे हैं, बल्कि नक्शे पर मकानों का सूचीकरण भी कर रहे हैं।
30 मई तक चलेगा प्रथम चरण
कलेक्टर ने जानकारी दी कि जनगणना 2027 दो चरणों में पूरी होगी। प्रथम चरण यानी “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” का कार्य 1 मई से शुरू होकर 30 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान प्रगणक भारत सरकार द्वारा निर्धारित 33 प्रश्नों के माध्यम से डेटा एकत्रित करेंगे।
यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है। प्रगणक आपके द्वार पर आ रहे हैं, कृपया उन्हें सही जानकारी दें ताकि जिले और देश के विकास की योजनाएं सटीक डेटा के आधार पर बनाई जा सकें। प्रगणक भी अपना कार्य समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करें।— श्रीमती प्रतिभा पाल, कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी
नागरिकों के लिए मुख्य निर्देश:
प्रगणक के आने पर उन्हें सही और सटीक जानकारी दें।
यदि आपने पोर्टल पर अपनी गणना स्वयं कर ली है, तो प्रगणक को अपना संदर्भ नंबर (SEID) अवश्य दिखाएं। पूछी गई 33 जानकारियों को स्पष्ट रूप से दर्ज कराएं।


