सागर के पापेट गांव में मस्जिद परिसर की खुदाई में भगवान की मूर्ति मिलने का दावा, जांच की मांग उठी
सागर। जिले के बंडा विकासखंड के ग्राम पापेट में शुक्रवार को उस समय माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया, जब मस्जिद परिसर में नींव की खुदाई के दौरान दो पुरानी मूर्तियों के मिलने की सूचना फैली। ग्रामीणों का दावा है कि ये मूर्तियां भगवान राम और माता सीता की हो सकती हैं। खबर फैलते ही आसपास के गांवों से हिंदू संगठनों के लोग मौके पर पहुंच गए और पूजा-अर्चना शुरू कर दी।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया। प्रशासन ने तत्काल पुरातत्व विभाग को सूचना दी है ताकि मूर्तियों की वास्तविकता और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की जांच की जा सके।
कंस्ट्रक्शन के दौरान निकली मूर्तियां, ग्रामीणों का दावा धार्मिक स्वरूप स्पष्ट स्थानीय लोगों के मुताबिक मस्जिद परिसर में कमरों के पुनर्निर्माण का काम चल रहा था। बाउंड्री और फर्श की खुदाई के दौरान मजदूरों को पत्थर की दो आकृतियां दिखाई दीं। मजदूरों ने यह बात गांव में बताई, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और हिंदू संगठन वहां इकट्ठा हो गए।
लोगों ने दावा किया कि मूर्तियां धार्मिक महत्व की हैं और इन्हें इसी स्थान पर संरक्षित रखा जाना चाहिए। कुछ लोगों ने तत्काल चबूतरा बनाकर मूर्तियां स्थापित भी कर दीं और वहां मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना हुई। भीड़ नियंत्रित करने और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए पुलिस टीमों ने लोगों को समझाइश देते हुए स्थिति शांत कराई।
मस्जिद प्रबंधन की सफाई—“मूर्ति नहीं, सिर्फ पत्थर का टुकड़ा मिला”
सगीर खान सहित मस्जिद प्रबंधन से जुड़े लोगों ने ग्रामीणों के दावों को खारिज किया है। उनका कहना है कि खुदाई में कोई मूर्ति नहीं मिली, बल्कि चंदेली पत्थर (स्थानीय प्रकार का पत्थर) निकला है।
उन्होंने बताया कि पास के पुराने पत्थर–ढेर (खखरी) से कुछ आकृतियां जैसी चीजें निकली थीं, जिन्हें लोगों ने गलती से मूर्तियां समझ लिया। उनके अनुसार लगभग 200 वर्ष पूर्व यह जमीन मस्जिद को दी गई थी और यहां निर्माण कार्य नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। मस्जिद समिति ने मांग की है कि पूरी घटना की निष्पक्ष जांच हो ताकि भ्रम दूर हो सके।
प्रशासन की सख्ती—पुरातत्व विभाग करेगा वैज्ञानिक जांच
बंडा एसडीएम नवीन ठाकुर ने पुष्टि की कि निर्माण कार्य के दौरान कुछ पत्थरनुमा आकृतियां मिली हैं, जिनकी जांच के लिए पुरातत्व विभाग को बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि कथित मूर्तियों को पुलिस सुरक्षा में रखवाया जाएगा ताकि जांच के दौरान किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि विवादित स्थान मस्जिद की भूमि है और जब तक जांच पूरी नहीं होती, वहां किसी भी तरह का निर्माण कार्य बंद रहेगा।
गांव का माहौल सामान्य, प्रशासन सतर्क
हालांकि प्रारंभिक हलचल के बाद स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पुलिस और प्रशासन गांव में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। अधिकारी जल्द ही पुरातत्व विभाग की टीम से रिपोर्ट मिलने की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि यह साफ किया जा सके कि मिले हुए पत्थर वास्तव में प्राचीन मूर्तियां हैं या केवल साधारण पत्थर के टुकड़े।


