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बोरवेल में गिरे 10 साल के बच्चे का रेस्क्यू, बेहोशी की हालत में भेजा गया अस्पताल

रिपोर्ट: Arjun Sagar
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बोरवेल में गिरे 10 साल के बच्चे का रेस्क्यू, बेहोशी की हालत में भेजा गया अस्पताल
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बोरवेल में गिरे 10 साल के बच्चे का रेस्क्यू, बेहोशी की हालत में भेजा गया अस्पताल

भोपाल। मध्य प्रदेश के गुना जिले के पिपलिया गांव में एक 10 साल के मासूम को बोरवेल से सुरक्षित निकाल लिया गया। शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे सुमित नाम का बच्चा खेलते समय 140 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। बच्चा करीब 39 फीट की गहराई पर फंसा हुआ था। उसे बचाने के लिए रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।

गुना के एएसपी मान सिंह ठाकुर ने बताया कि बचाव अभियान शाम करीब 6 बजे शुरू किया गया और रविवार सुबह 9:30 बजे सुमित को बाहर निकाला गया। बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, सुमित की हालत नाजुक है, और वह अभी भी बेहोश है। गुना कलेक्टर सतेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि बोरवेल के समानांतर 25 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया, जिसके बाद सुरंग के जरिए बच्चे तक पहुंचा गया। बचाव कार्य में स्थानीय पुलिस, प्रशासन और भोपाल से आई एनडीआरएफ की टीम ने मिलकर काम किया। बच्चे को सांस लेने में दिक्कत न हो, इसके लिए बोरवेल में लगातार ऑक्सीजन पंप की गई।
इसी बीच राजस्थान के कोटपुतली में 5 साल की चेतना को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है। चेतना 6 दिन पहले खुले बोरवेल में गिर गई थी। उसे बचाने के लिए एनडीआरएफ की टीम ने 170 फीट गहरे गड्ढे के माध्यम से बोरवेल तक सुरंग बनाने का काम किया। सुरंग खोदते समय जवानों की सुरक्षा के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है। गुना और कोटपुतली की ये घटनाएं हमें खुले बोरवेल के खतरे को लेकर सतर्क करती हैं। प्रशासन और स्थानीय लोगों को मिलकर ऐसे हादसों को रोकने के लिए कदम उठाने की जरूरत है।

Arjun Sagar
लेखक

Arjun Sagar

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