घर में घुसकर नाबालिग से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को 3 वर्ष की कैद और जुर्माना

घर में घुसकर नाबालिग से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड

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सागर। घर में घुस कर नाबालिग के साथ छेड़छाड करने वाले आरोपी बाबू यादव थाना-बहरोल को तृतीय अपर-सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पाक्सों एक्ट 2012) नीलम शुक्ला जिला-सागर की अदालत ने दोषी करार देते हुये भा.द.वि. की धारा-457,354 के तहत 03-03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं पॉच-पॉच सौ रूपये अर्थदण्ड, एवं धारा-323 भादवि (काऊंट-02) के तहत 01 वर्ष सश्रम कारावास (दो बार) एवं पॉच सौ रूपये अर्थदण्ड (दो बार) एवं धारा- 8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के तहत 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं पॉच सौ रूपये अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया है। मामले की पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती रिपा जैन ने की।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि षिकायतकर्ता/बालिका के पिता द्वारा थाना-बहरोल में रिपोर्ट़ लेख कराई कि दिनॉक- 15.08.2019 को रात्रि करीब 11ः30 बजे वह उसके घर मे नीचे दहलान में सो रहा था उसकी तीन लड़कियॉ ऊपर अटारी में सो रही थी तभी उनके चिल्लाने की आवाज सुनाई देने पर उसने अटारी पर जाकर देखा कि अभियुक्त बाबू यादव हाथ में लाठी लिये लडकियों को गाली देते हुये उनसे छेडछाड़ कर रहा था उसने बाबू यादव से वहॉ आने का कारण पूछा तो वह गॉली गलौच करने लगा और लाठी से मारपीट करने लगा जिससे उसके दॉहिने पैर के घुटने में चोट लगी और फिर अभियुक्त ने उसे जमीन पर पटक दिया जिससे उसे दाहिने हाथ के कोचे व पीछे गर्दन में चोट लगी तभी उसका भाई उसे बचाने आया तो अभियुक्त बाबू ने उसके साथ भी मारपीट की जिससे उसे भी चोटे आई। शोर सुनकर गॉव के लोग आ गये जिन्हे देखकर अभियुक्त बाबू भाग गया। उक्त रिपोर्ट के आधार पर थाने पर प्रकरण पंजीबद्ध कर मामला विवेचना में लिया गया, विवेचना के दौरान साक्षियों के कथन लेख किये गये, घटना स्थल का नक्शा मौका तैयार किया गया अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित कर थाना-बहरोल द्वारा धारा- 458, 354,294, 323, 506 (भाग-2) भा.द.वि. , धारा- 3(1)(द), 3(1)(ध), 3(2)(व्ही-ए एस.सी./एस.टी एक्ट 1989 एवं धारा-8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 का अपराध आरोपी के विरूद्ध दर्ज करते हुये विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में पेश किया। अभियोजन द्वारा अभियोजन साक्षियों एवं संबंधित दस्तावेजों को प्रमाणित किया गया एवं अभियोजन ने अपना मामला संदेह से परे प्रमाणित किया। जहॉ विचारण उपरांत तृतीय अपर-सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पाक्सों एक्ट 2012) नीलम शुक्ला जिला-सागर की न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुये उपरोक्त सजा से दंडित किया है।

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