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उपस्थिति लगाकर स्कूल से गायब शिक्षक, अतिथि शिक्षक का वेतन काटने के निर्देश, विभाग में व्याप्त ढेरो अनियमितताएं

By: गजेंद्र ठाकुर•
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उपस्थिति लगाकर स्कूल से गायब शिक्षक, अतिथि शिक्षक का वेतन काटने के निर्देश, विभाग में व्याप्त ढेरो अनियमितताएं

सागर। जिले के सरकारी स्कूलों में व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के बीच मंगलवार को मालथौन विकासखंड के स्कूलों के आकस्मिक निरीक्षण में एक बार फिर लापरवाही उजागर हुई। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन ने मालथौन क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों का निरीक्षण किया, जहां कई शिक्षक उपस्थिति दर्ज कराने के बाद स्कूल से अनुपस्थित मिले। वहीं एक अतिथि शिक्षक भी बिना सूचना के गैरहाजिर पाई गईं।

निरीक्षण के दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रजवास के प्राथमिक शिक्षक मुकेश तिवारी तथा शासकीय माध्यमिक विद्यालय पथरिया बामन के शिक्षक अनिल जैन उपस्थिति दर्ज कराने के बाद विद्यालय में मौजूद नहीं मिले। दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। पथरिया बामन में अतिथि शिक्षक कीर्ति नामदेव भी बिना सूचना के अनुपस्थित मिलीं, जिस पर उनका एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।

इसी तरह शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला रोड़ा में प्राथमिक शिक्षक रामेश्वर प्रसाद कुर्मी और अविनाश कुमार दुबे भी हस्ताक्षर के बाद विद्यालय से अनुपस्थित पाए गए। दोनों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षक समय पर विद्यालय पहुंचें और ई-अटेंडेंस लगाने के बाद विद्यालय में ही मौजूद रहें। उन्होंने चेतावनी दी कि उपस्थिति दर्ज कराने के बाद विद्यालय से गायब रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

लगातार अनियमितताओं के बीच विभागीय निगरानी पर सवाल

मालथौन के स्कूलों में सामने आई यह स्थिति जिले के सरकारी प्राथमिक, माध्यमिक और हाईस्कूलों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। पिछले कुछ समय से जिले के अलग-अलग स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति, व्यवस्थागत खामियों और अन्य अनियमितताओं से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं। यहां तक कि शिक्षकों से जुड़े आपत्तिजनक बताए जा रहे वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। ऐसे में सवाल यह है कि जिला स्तर से नियमित निगरानी और विभागीय नियंत्रण कितना प्रभावी है।

मंगलवार के निरीक्षण में ही एक साथ कई शिक्षकों का उपस्थिति दर्ज कराने के बाद स्कूल में नहीं मिलना इस बात का संकेत है कि केवल ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू कर देने से निगरानी की जिम्मेदारी पूरी नहीं हो जाती। सवाल यह भी है कि यदि आकस्मिक निरीक्षण नहीं हो तो ऐसे मामलों की जानकारी विभाग को कैसे और कब मिलती है।

DEO की कार्यप्रणाली पर भी उठ रहे सवाल

लगातार सामने आ रही स्कूलों की अनियमितताओं के बीच जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन की विभागीय निगरानी और नियंत्रण व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि निरीक्षण के दौरान कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन यह सवाल कायम है कि स्कूलों में व्यवस्थाएं सुधारने के लिए जिम्मेदार विभाग को बार-बार आकस्मिक निरीक्षण में ही खामियां क्यों मिल रही हैं।

विभाग में जिला शिक्षा अधिकारी का नियंत्रण और प्रभावी मॉनिटरिंग तंत्र कितना मजबूत है, यह भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है। खासकर तब, जब जिले के सरकारी स्कूलों में लगातार ऐसी शिकायतें और अनियमितताएं सामने आ रही हैं।

शासन की योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिए कि किसी भी विद्यार्थी को शासन की योजनाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। स्कूलों में बची हुई नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें और साइकिलें तत्काल विकासखंड शिक्षा अधिकारी के समक्ष वापस करने की कार्रवाई करने को कहा गया।

शासकीय हाईस्कूल पाली के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण करते हुए भवन का काम गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। वहीं पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लोंगर में भवन निर्माण में आ रही हाईटेंशन लाइन और अतिक्रमण की जानकारी लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रोड़ा के निरीक्षण के बाद स्कूल परिसर से अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया गया।

अब सवाल कार्रवाई की निरंतरता का

निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले शिक्षकों पर नोटिस और वेतन कटौती के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इन कार्रवाईयों का असर जिले के स्कूलों की व्यवस्था पर कितना पड़ता है। लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के बीच अब विभागीय कार्रवाई केवल नोटिस तक सीमित रहती है या स्कूलों की जमीनी व्यवस्था में भी स्थायी सुधार दिखाई देता है, इस पर निगाह रहेगी।

गजेंद्र ठाकुर

By: गजेंद्र ठाकुर

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