सिविल अस्पताल में कलेक्टर प्रतिभा पाल का औचक निरीक्षण, ओटी शुरू करने और सर्जरी की व्यवस्था बनाने के निर्देश
ओपीडी से लेकर डायलिसिस यूनिट तक व्यवस्थाएं देखीं, मरीजों से उपचार और दवाओं को लेकर लिया फीडबैक; गर्भवती महिलाओं की जांच और अस्पताल की स्वच्छता पर भी दिया जोर
सागर। खुरई के सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति जानने के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शुक्रवार को अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के अलग-अलग विभागों का जायजा लिया और उपलब्ध संसाधनों, चिकित्सकों व अन्य स्टाफ की स्थिति के बारे में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. देवेश पटेरिया से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान खुरई एसडीएम श्री सतीश वर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर ने अस्पताल की ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर (ओटी), लेबर रूम, किडनी केयर डायलिसिस यूनिट और मैटरनिटी विंग का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने ऑपरेशन थिएटर को चालू हालत में रखने और सर्जरी से जुड़े मामलों, विशेषकर सी-सेक्शन डिलीवरी, के लिए बीना के स्त्री रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य अस्पताल में जरूरत के अनुसार सर्जिकल सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
मरीजों से बात कर जाना उपचार का हाल
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती पाल ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत की। उन्होंने उनसे पूछा कि अस्पताल में किस तरह का उपचार मिल रहा है, जरूरी दवाएं उपलब्ध हो रही हैं या नहीं और स्वास्थ्यकर्मियों का व्यवहार कैसा है। मरीजों और उनके परिजनों से मिले फीडबैक के जरिए उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति समझने का प्रयास किया।
इसके बाद कलेक्टर एएनसी कक्ष पहुंचीं, जहां उन्होंने गर्भवती महिलाओं के पंजीयन रजिस्टर की जांच की। उन्होंने संबंधित चिकित्सक से गर्भावस्था के दौरान पहली एएनसी जांच में की जाने वाली प्रक्रियाओं की जानकारी ली। इसमें हीमोग्लोबिन की जांच, रक्तचाप मापना, वजन लेना और अन्य जरूरी जांचों के साथ गर्भवती महिलाओं को दिए जाने वाले परामर्श की जानकारी भी शामिल रही। उन्होंने आपातकालीन कक्ष का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
### डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति और दवाओं की उपलब्धता पर जोर
कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि चिकित्सक निर्धारित समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहें और मरीजों को उपचार के लिए अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने सभी वार्डों में साफ-सफाई बनाए रखने के साथ जरूरी दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
डायलिसिस यूनिट की सभी मशीनों को चालू हालत में रखने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं का एएनसी के तहत शत-प्रतिशत पंजीयन करने और निर्धारित समय पर उनकी आवश्यक जांचें पूरी कराने पर जोर दिया गया।
कलेक्टर ने आपातकालीन सेवाओं को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने और बायो-मेडिकल वेस्ट का निर्धारित नियमों के अनुसार निपटान करने के निर्देश दिए। अस्पताल परिसर में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था बनाए रखने और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल की विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने और मरीजों को आवश्यक उपचार एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।








