धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हिंदू सनातन एकता रथ यात्रा देर रात सागर पहुंची। बालाजी मंदिर में दिव्य दरबार के दौरान बेटियों, पहचान और प्रेम संबंधों को लेकर दिए बयान की चर्चा।
सागर। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हिंदू सनातन एकता रथ यात्रा मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे सागर पहुंची। देर रात होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिला। शहर में प्रवेश करते ही जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। बुधवार तड़के करीब 3 बजे यात्रा बालाजी मंदिर परिसर पहुंची, जहां धार्मिक कार्यक्रमों के साथ दिव्य दरबार आयोजित किया गया। इस दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने युवतियों को संबोधित करते हुए कहा, “बेटियों, दुर्गा बनना, काली बनना, लेकिन कभी बुर्के वाली मत बनना।” उनका यह बयान चर्चा का विषय बन गया।
जगह-जगह पुष्प वर्षा कर किया स्वागत
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हिंदू सनातन एकता रथ यात्रा मंगलवार देर रात ढाना से बम्होरी चौराहा होते हुए सागर शहर में दाखिल हुई। यहां बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। इसके बाद यात्रा पथरिया जाट पहुंची, जहां जेसीबी मशीन से फूल बरसाकर स्वागत किया गया।
यात्रा आरटीओ क्षेत्र से होते हुए मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के निवास मातेश्वरी के पास पहुंची। यहां मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके परिजनों ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का स्वागत किया। इसके बाद यात्रा आगे बढ़ी और रास्ते में कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने उनका अभिनंदन किया।
तड़के 3 बजे बालाजी मंदिर में लगा दिव्य दरबार
बुधवार तड़के करीब 3 बजे यात्रा बालाजी मंदिर परिसर पहुंची। यहां 51 बटुकों ने स्वस्ति वाचन किया और हनुमान चालीसा की चौपाइयों का पाठ किया। इसके बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दिव्य दरबार लगाया। इस दौरान श्रद्धालुओं की समस्याएं सुनी गईं और उनके निराकरण के प्रयास किए गए। मंदिर परिसर में रातभर धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला चलता रहा।
बेटियों को संबोधित करते हुए दिया संदेश
दिव्य दरबार के दौरान युवतियों को संबोधित करते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, “बेटियों, तुम दुर्गा बनना, काली बनना, लेकिन कभी बुर्के वाली मत बनना। मेरी यह बात हमेशा याद रखना।”
नवरात्रि और जगह-जगह आयोजित हो रहे गरबा कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बेटियों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग धर्म और पहचान बदलकर संपर्क कर सकते हैं, इसलिए सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने दूसरे मजहब के लोगों पर भरोसा न करने की बात भी कही।
प्रेम संबंधों को लेकर भी कही बात
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रेम संबंधों का जिक्र करते हुए कहा, “माना कि मोहब्बत बुरी नहीं है, लेकिन अपने मां-बाप से ज्यादा जरूरी नहीं है।” दिव्य दरबार में दिए गए उनके इन संदेशों के बीच बेटियों की सुरक्षा, पहचान और प्रेम संबंधों को लेकर कही गई बातें चर्चा में रहीं।
अब बंडा की ओर रवाना होगी यात्रा
धार्मिक कार्यक्रमों के बाद बुधवार सुबह बालाजी सरकार की पूजा-अर्चना, राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और ध्वजारोहण का कार्यक्रम निर्धारित है। इसके बाद हिंदू सनातन एकता रथ यात्रा मोतीनगर चौराहा और भगवानगंज होते हुए मकरोनिया पहुंचेगी, जहां श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत किया जाएगा। इसके बाद यात्रा बंडा के लिए रवाना होगी।








