जबलपुर/सागर। सागर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर चल रहे विवाद में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने राज्य बार काउंसिल की स्पेशल कमेटी द्वारा 25 अगस्त 2026 को जारी पुनर्मतगणना के आदेश को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं होने के कारण निरस्त कर दिया है।
मामला जिला अधिवक्ता संघ, सागर के अध्यक्ष पद के चुनाव से जुड़ा है। याचिकाकर्ता अंकलेश्वर दुबे ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राज्य बार काउंसिल की स्पेशल कमेटी के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें अध्यक्ष पद के मतों की दोबारा गिनती कराने के निर्देश दिए गए थे।
कोर्ट के आदेश के अनुसार 22 अगस्त को हुई मतगणना में याचिकाकर्ता को 573 वोट मिले थे और उन्हें जिला अधिवक्ता संघ सागर का अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया था। हालांकि चुनाव में कुल 1350 वोट डाले गए थे, जबकि मतगणना के दौरान 1355 बैलेट पेपर पाए गए। इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने पुनर्मतगणना का निर्णय लिया था।
इसी मामले में राज्य बार काउंसिल की स्पेशल कमेटी के समक्ष अपील की गई और 25 अगस्त को पुनर्मतगणना का आदेश जारी हुआ था। याचिकाकर्ता का कहना था कि यह आदेश उन्हें सुनवाई का अवसर दिए बिना पारित किया गया।
हाईकोर्ट की खंडपीठ, जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बी.पी. शर्मा ने माना कि संबंधित आदेश प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत था। कोर्ट ने आदेश निरस्त करते हुए मामले को पुनर्विचार के लिए स्पेशल कमेटी को वापस भेज दिया है।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता सहित संबंधित पक्षों को स्पेशल कमेटी के समक्ष उपस्थित होकर अपनी बात रखने की स्वतंत्रता दी है। कमेटी को सभी पक्षों की दलीलें और दस्तावेज सुनने के बाद कारणयुक्त आदेश पारित करना होगा।
महत्वपूर्ण रूप से हाईकोर्ट ने कहा है कि मामले का अंतिम निर्णय होने तक चुनाव परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा। स्पेशल कमेटी को यथासंभव 15 दिनों के भीतर मामले का निर्णय करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बैलेट पेपर और अन्य चुनाव सामग्री सुरक्षित रखने तथा रिटर्निंग ऑफिसर की अभिरक्षा में रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बता दें इस दौरान अंतिम आदेश तक बार अध्यक्ष पद पर पहली कार्यकारणी के अध्यक्ष ही प्रभावी रहेगे।
खबर हाईकोर्ट के ऑर्डर अनुसार








