नगर पालिका अध्यक्ष को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने हटाने के आदेश पर लगाई रोक
टीकमगढ़। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने टीकमगढ़ नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार और पप्पू मलिक को पद से हटाए जाने के मामले में बड़ा अंतरिम आदेश देते हुए संबंधित आदेश के प्रभाव और क्रियान्वयन पर आगामी सुनवाई तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य शासन को याचिकाकर्ता को आगामी सुनवाई तक नगर पालिका अध्यक्ष के पद पर कार्य करने की अनुमति देने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट में दायर याचिका क्रमांक WP-14228-2026 पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित जनप्रतिनिधि को पद से हटाना एक अत्यंत गंभीर और असाधारण कदम है। ऐसा निर्णय केवल गंभीर और असाधारण परिस्थितियों में ही लिया जाना चाहिए, न कि मामूली अनियमितताओं के आधार पर।
न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया कि यदि किसी निर्वाचित अध्यक्ष के खिलाफ लगाए गए आरोपों का स्पष्ट रूप से खंडन किया गया हो तो मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों की गंभीरता से जांच आवश्यक है। कोर्ट ने कहा कि जनहित, परिषद के हित और पदाधिकारी द्वारा अपने पद के दुरुपयोग की प्रकृति जैसे सभी पहलुओं पर विचार किया जाना जरूरी है।
मामले में न्यायालय ने पूर्व के नेहा जैन मामले का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में चुनौती दिए गए आदेश के प्रभाव और क्रियान्वयन को अगली सुनवाई तक स्थगित रखा जाता है।
कोर्ट ने प्रतिवादियों को निर्देश दिए हैं कि वे याचिकाकर्ता को नगर पालिका परिषद टीकमगढ़ के अध्यक्ष पद पर कार्य करने की अनुमति दें। वहीं राज्य सरकार को मामले में विस्तृत जवाब पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
मामले की अगली सुनवाई के लिए न्यायालय ने चार सप्ताह बाद की तारीख निर्धारित की है।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद टीकमगढ़ की राजनीति और नगर पालिका अध्यक्ष पद को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
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