महिला आरक्षक ने साथी पुलिसकर्मी पर लगाए गंभीर आरोप, रात में घर में घुसकर मारपीट और धमकी देने का मामला दर्ज
सागर। सागर में पदस्थ एक महिला आरक्षक ने बेगमगंज थाने में पदस्थ आरक्षक अजय राणा के खिलाफ घर में जबरन घुसने, मारपीट, अश्लील हरकत, धमकी और मोबाइल तोड़ने सहित गंभीर आरोप लगाते हुए गोपालगंज थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने महिला आरक्षक की शिकायत पर विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उसका मेडिकल परीक्षण कराया है।
शिकायत के मुताबिक, महिला आरक्षक की पहचान वर्ष 2019 में नरसिंहपुर में पदस्थापना के दौरान अजय राणा से हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती हुई। महिला आरक्षक का आरोप है कि अजय उस पर शादी करने के लिए लगातार दबाव बनाता था। परिवार की सहमति नहीं मिलने पर महिला ने शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद अजय ने कहीं और शादी कर ली, लेकिन महिला आरक्षक के मुताबिक इसके बावजूद वह उससे जबरन संपर्क करने और बात करने का दबाव बनाता रहा तथा बात नहीं करने पर धमकाता था।
महिला आरक्षक के अनुसार, वर्ष 2024 में उसका नरसिंहपुर से सागर स्थानांतरण हो गया। आरोप है कि 5 सितंबर 2026 की रात करीब 3 से 4 बजे अजय राणा उसके सागर स्थित किराए के मकान पर पहुंचा और दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया। दरवाजा नहीं खोलने पर उसने कथित तौर पर गेट तोड़ दिया और जबरन अंदर घुस आया।
शिकायत में महिला आरक्षक ने आरोप लगाया है कि विरोध करने पर आरोपी ने उसका मुंह और गला दबाया, अश्लील हरकत की और गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। उसका सिर दीवार में मारने से चोट लगने का भी आरोप लगाया गया है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और उसका मोबाइल छीनकर दीवार पर पटककर तोड़ दिया।
शिकायत के मुताबिक, बाहर किसी वाहन की आवाज सुनाई देने पर आरोपी वहां से चला गया। जाते समय उसने बात नहीं करने पर जान से खत्म करने तथा फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देने का आरोप है।
घटना के बाद महिला आरक्षक ने अपने परिजनों को जानकारी दी और सुबह अपनी मां व भाई के साथ सागर के गोपालगंज थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर महिला का मेडिकल परीक्षण कराया है।
गोपालगंज थाने में मामला दर्ज करने वाली महिला सब इंस्पेक्टर ज्योति राजपूत के अनुसार, महिला आरक्षक की रिपोर्ट पर अजय राणा के खिलाफ बीएनएस की धारा 74, 78(1)(2)(3), 115(2), 351(3), 331(4), 324(4) सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।
वहीं एसडीओपी सोनाली गुप्ता ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। जानकारी प्राप्त कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आरक्षक की वर्तमान पदस्थापना पर भी उठे सवाल
मामले में यह पहलू भी सामने आया है कि आरोपी आरक्षक अजय राणा वर्तमान में बेगमगंज थाने में पदस्थ है। खबर के अनुसार, पुलिस मुख्यालय के तत्कालीन विशेष महानिदेशक आदर्श कटियार ने 17 जून 2025 को आपराधिक प्रकरण अथवा विभागीय जांच में संलिप्त पुलिसकर्मियों की थानों या महत्वपूर्ण कार्यालयों में पदस्थापना को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए थे। ऐसे में इस मामले के सामने आने के बाद आरक्षक की पदस्थापना और विभागीय स्तर पर होने वाली कार्रवाई भी जांच का विषय बन गई है।
हालांकि, महिला आरक्षक द्वारा लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।








