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बिजली-पेयजल व्यवस्था को लेकर कमिश्नर सख्त, लंबित शिकायतों के जल्द निराकरण के निर्देश

By: गजेंद्र ठाकुर
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बिजली-पेयजल व्यवस्था को लेकर कमिश्नर सख्त, लंबित शिकायतों के जल्द निराकरण के निर्देश

सीएम हेल्पलाइन के 100 दिन से अधिक पुराने मामलों को गुरुवार तक निपटाने के निर्देश, बांधों से सिंचाई के लिए पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा

सागर, 21 सितंबर 2026। सागर संभाग के कमिश्नर श्री दिलीप कुमार ने सोमवार को अपने कार्यालय में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में ऊर्जा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय, जल संसाधन और जल निगम विभाग के कामकाज की समीक्षा की गई।

कमिश्नर श्री कुमार ने बिजली व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि विद्युत संबंधी शिकायतों का निराकरण तय समय-सीमा के भीतर तेजी से किया जाए। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली उपलब्ध हो तथा किसानों को सिंचाई के लिए आवश्यक विद्युत आपूर्ति मिलती रहे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत और खराब ट्रांसफॉर्मरों को बदलने की व्यवस्था पर भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कम वोल्टेज की समस्या सामने आ रही है, वहां प्राथमिकता के आधार पर उसका समाधान किया जाए। साथ ही बिजली विभाग को राजस्व वसूली का प्रतिशत बढ़ाने के लिए भी कार्रवाई करने को कहा गया।

सीएम हेल्पलाइन के पुराने मामलों पर विशेष ध्यान

कमिश्नर ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को मुख्य सचिव द्वारा सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी। ऐसे में 100 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों का निराकरण हर स्थिति में गुरुवार तक पूरा करने को कहा गया।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिजली संबंधी समस्याओं के कारण संभाग में नल-जल योजनाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए। जल निगम के अधिकारियों को विभिन्न बांधों से पानी की आपूर्ति लगातार जारी रखने के निर्देश दिए गए।

गांवों में पानी की सप्लाई बनी रहे

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग की समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति नियमित बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं के माध्यम से जिन क्षेत्रों में पानी पहुंचाया जाना है, वहां सप्लाई शुरू करने से पहले आवश्यक टेस्टिंग पूरी कर ली जाए।

जल संसाधन, जल निगम और पीएचई विभाग को आपसी समन्वय के साथ पेयजल से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए गए। गांवों में हैंडपंप खराब होने या उनके संधारण से संबंधित शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत हैंडपंप मैकेनिकों की सूची भी तैयार करने के निर्देश दिए गए।

सिंचाई के लिए बांधों से पानी की आपूर्ति का प्लान बनेगा

जल संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान कमिश्नर श्री कुमार ने बांधों से सिंचाई के लिए नियमित रूप से पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए संबंधित विभागों की बैठक आयोजित कर योजना तैयार करने को कहा गया।

कमिश्नर ने निर्देश दिए कि इस बैठक में जनप्रतिनिधियों, सिंचाई संस्थाओं के पूर्व सदस्यों और राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी शामिल किया जाए। वन विभाग की एनओसी नहीं मिलने के कारण लंबित परियोजनाओं के मामलों में आवश्यक कार्रवाई कर उनका निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।

उन्होंने भू-अर्जन की कार्रवाई और अवार्ड पारित किए जाने से संबंधित जानकारी भी तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही क्षेत्र में सिंचाई का रकबा बढ़ाने की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाने को कहा।

बैठक में संयुक्त आयुक्त (विकास) श्री पीसी शर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और जिलों के अधिकारी मौजूद रहे।

गजेंद्र ठाकुर

By: गजेंद्र ठाकुर

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