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कलेक्टर के कड़े रुख के बाद पंचायत में 7.49 लाख के गबन पर सख्त कार्रवाई: सरपंच के वित्तीय अधिकार सीज, अंतिम नोटिस जारी

By: गजेंद्र ठाकुर
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कलेक्टर के कड़े रुख के बाद पंचायत में 7.49 लाख के गबन पर सख्त कार्रवाई: सरपंच के वित्तीय अधिकार सीज, अंतिम नोटिस जारी

कलेक्टर के कड़े रुख के बाद पंचायत में 7.49 लाख के गबन पर सख्त कार्रवाई: सरपंच के वित्तीय अधिकार सीज, अंतिम नोटिस जारी

सागर। शासकीय योजनाओं और विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के मामलों पर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देशों के पालन में जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। शाहगढ़ जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत नौराज में विकास कार्यों के नाम पर 7 लाख 49 हजार 79 रुपए के वित्तीय गबन का मामला सामने आने पर जिला पंचायत सीईओ जगदीश कुमार गोमे ने सरपंच श्रीमती राजकुमारी राजपूत के वित्तीय आहरण एवं संवितरण अधिकार तत्काल प्रभाव से सीज कर दिए हैं। इसके साथ ही उन्हें अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल द्वारा सभी अधिकारियों को सरकारी निधि के पारदर्शी उपयोग और अनियमितता बरतने वालों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इसी तारतम्य में जनपद पंचायत शाहगढ़ की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह सख्त कार्रवाई की गई है। जांच में सामने आया कि 15वें वित्त आयोग और मनरेगा मद के तहत स्वीकृत तीन बड़े निर्माण कार्यों में बिना कोई काम कराए ही राशि आहरित कर ली गई।

जांच में उजागर हुईं तीन प्रमुख अनियमिताएं

सामुदायिक स्वच्छता परिसर: ग्राम ततरवारा में प्राथमिक शाला के समीप 3 लाख 81 हजार रुपए की लागत से स्वीकृत सामुदायिक स्वच्छता परिसर के मद से 1 लाख 91 हजार 67 रुपए का आहरण बिना मूल्यांकन के कर लिया गया, जबकि मौके पर कोई निर्माण नहीं पाया गया।

सी.सी. रोड निर्माण: नौराज में कौशल्या के घर से केवलारी परिवार के घर तक स्वीकृत 5 लाख 87 हज़ार की सी.सी. रोड के लिए 2 लाख 78 हजार 167 रुपए बिना कार्य और बिना मूल्यांकन के निकाल लिए गए।

स्टॉपडेम निर्माण: 7 लाख की लागत से स्वीकृत स्टॉपडेम के नाम पर 2 लाख 79 हजार 845 रुपए की राशि आहरित कर ली गई, जबकि स्थल पर स्टॉपडेम का कोई वजूद ही नहीं मिला।

ग्राम पंचायत सचिव डालसिंह लोधी के बयानों और दस्तावेजों की पड़ताल से फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई है। पूर्व में जारी नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर कलेक्टर के निर्देशानुसार अंतिम अवसर देते हुए 21 सितंबर 2026 तक साक्ष्यों के साथ व्यक्तिगत उपस्थिति का नोटिस थमाया गया है। म.प्र. पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत सरपंच को पद से पृथक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तय समय में जवाब न मिलने पर एकपक्षीय बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।

गजेंद्र ठाकुर

By: गजेंद्र ठाकुर

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