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45 साल के भरोसे को मिला नया रूप, बुंदेलखंड में सांची की नई ब्रांड पहचान लॉन्च

By: गजेंद्र ठाकुर
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45 साल के भरोसे को मिला नया रूप, बुंदेलखंड में सांची की नई ब्रांड पहचान लॉन्च

45 साल के भरोसे को मिला नया रूप, बुंदेलखंड में सांची की नई ब्रांड पहचान लॉन्च

नई पैकेजिंग में परंपरा और आधुनिकता का संगम, दूध संग्रह में 29.8% की बढ़ोतरी

सागर। मध्यप्रदेश के प्रतिष्ठित सहकारी डेयरी ब्रांड सांची ने अपनी 45 वर्षों की विश्वसनीय विरासत को आधुनिक स्वरूप देते हुए बुंदेलखंड में नई ब्रांड पहचान और री-डिजाइन पैकेजिंग का अनावरण किया। होटल दीपाली के सिग्नेचर हॉल में आयोजित समारोह में NDDB के रीजनल हेड वेस्ट जोन वी. श्रीनिवास मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम में एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक जयदेव बिस्वास, बुंदेलखंड दुग्ध संघ के सीईओ संजय कुमार यादव, वित्त विभाग की संयुक्त संचालक हेमलता पटेल सहित अधिकारी, वितरक और रिटेलर्स मौजूद रहे।

नई पैकेजिंग में बुंदेलखंड की पहचान, गोंड कला का आकर्षण

सांची की नई ब्रांड पहचान के तहत दूध, दही, पनीर, छाछ, मठ्ठा, चाय सहित अन्य उत्पादों की पैकेजिंग को नया और एकरूप स्वरूप दिया गया है। आधुनिक रंगों और आकर्षक डिजाइन के साथ मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक एवं ग्रामीण विरासत से प्रेरित गोंड कला के तत्वों को भी पैकेजिंग में शामिल किया गया है। नई डिजाइन का उद्देश्य सांची की पारंपरिक विश्वसनीयता को बरकरार रखते हुए उसे नई पीढ़ी और बदलते बाजार की पसंद के अनुरूप प्रस्तुत करना है।

पांच महीनों में दूध संग्रह करीब 30% बढ़ा

बुंदेलखंड दुग्ध संघ के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच दूध संग्रह में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 29.8 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई। अप्रैल-अगस्त 2025 में पांच महीनों का कुल दैनिक औसत संग्रह 2,66,270 किलोग्राम था, जो 2026 में बढ़कर 3,45,623 किलोग्राम प्रतिदिन हो गया। अप्रैल में संग्रह 56,613 से बढ़कर 77,077 किलोग्राम, मई में 43,468 से 63,120 किलोग्राम और अगस्त में 66,775 से बढ़कर 82,731 किलोग्राम प्रतिदिन पहुंच गया।

अधिकारियों ने बताया भविष्य की ओर बड़ा कदम

NDDB के वी. श्रीनिवास ने कहा कि 45 वर्षों में सांची ने उपभोक्ताओं का विश्वास हासिल किया है और नई ब्रांड पहचान इसी विरासत को आधुनिक बाजार की जरूरतों से जोड़ती है। एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक जयदेव बिस्वास ने कहा कि रीब्रांडिंग सिर्फ पैकेजिंग में बदलाव नहीं, बल्कि बदलते समय के साथ आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता है।

बुंदेलखंड दुग्ध संघ के सीईओ संजय कुमार यादव ने कहा कि नई पैकेजिंग से उत्पादों को बाजार में बेहतर पहचान और एकरूपता मिलेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को मजबूत बाजार उपलब्ध कराने के साथ उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय दुग्ध उत्पाद पहुंचाना संघ की प्राथमिकता है।

सांची की नई पहचान में ‘स्वाद, सेहत, सांची’ के मूल संदेश के साथ परंपरा, आधुनिकता, गुणवत्ता और सहकारिता का मेल दिखाई देता है। दूध संग्रह में बढ़ोतरी को क्षेत्र में सहकारी डेयरी व्यवस्था और दुग्ध उत्पादकों के बढ़ते जुड़ाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

गजेंद्र ठाकुर

By: गजेंद्र ठाकुर

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