सागर के नरयावली क्षेत्र में दो दिन में कई घरों में सेंधमारी, ग्रामीणों में दहशत
सागर। जिले के नरयावली थाना क्षेत्र अंतर्गत जरुवाखेड़ा चौकी इलाके में चोरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। लगातार दूसरे दिन भी बदमाशों ने नयाखेड़ा में कई घरों को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। दो दिनों के भीतर अनेक मकानों में सेंधमारी होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस की रात्रि गश्त पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात चोरों ने नयाखेड़ा में पांच घरों में घुसकर चोरी की। बदमाशों ने घरों से नकदी, जेवरात, मोबाइल फोन, जूते सहित अन्य घरेलू सामान पर हाथ साफ कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार चोर चोरी का सामान खेत में ले गए, जहां पहले तार काटकर सभी सामान को एकत्रित किया और फिर आराम से अपने साथ लेकर फरार हो गए।
बताया गया है कि जिन लोगों के घरों में चोरी हुई उनमें हेमंत पटेल, वल्दवान यादव, दुर्गेश पटेल सहित अन्य परिवार शामिल हैं। किसी घर से सूटकेस और दो मोबाइल फोन चोरी हुए, तो कहीं से चांदी की पायल, बिछिया, चांदी के सिक्के, नकदी और जूते सहित अन्य सामान ले जाया गया।
इसके एक दिन पहले भी चोरों ने इसी क्षेत्र में पंकज चौबे और धर्मेंद्र जैन के मकानों को निशाना बनाया था। बदमाश दरवाजे तोड़कर घर के अंदर घुस गए थे और चोरी का प्रयास किया था। लगातार दो दिनों से हो रही घटनाओं ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जरुवाखेड़ा चौकी में पुलिस बल की कमी के कारण नियमित रात्रि गश्त प्रभावित हो रही है। पर्याप्त पुलिस अमला नहीं होने से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
घटनाओं की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश कर रही है तथा चोरी की वारदातों में शामिल बदमाशों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में नियमित रात्रि गश्त बढ़ाने, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
फिलहाल चोकी प्रभारी दरोगा अनिल कुजूर और नरयावली थाना प्रभारी सबइंस्पेक्टर प्रातिभा मिश्रा से फोन पर इस बारे में जानकारी लेनी चाही तो उनका फोन नहीं उठा।


