कलेक्टर के औचक निरीक्षण से शिक्षा विभाग में हड़कंप, लापरवाही पर तीन अधिकारियों को नोटिस
सागर। जिले में शासकीय विभागों की कार्यप्रणाली को सुदृढ़, पारदर्शी, उत्तरदायी और लोक-हितैषी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर द्वारा निरंतर सघन पर्यवेक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में आज कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन में उदासीनता, प्रभारियों द्वारा कर्तव्यों के निर्वहन में शिथिलता और प्रकरणों के दीर्घकाल से लंबित रहने पर कलेक्टर ने अप्रसन्नता व्यक्त की तथा संबंधित अधिकारियों और प्रभारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु कारण बताओ नोटिस जारी करने के कड़े निर्देश दिए।
नवीन शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के उपरांत भी छात्रों को पुस्तकों के सुचारू और समय-सीमा में वितरण न किए जाने तथा इस कार्य में बरती गई ढिलाई के लिए उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी सागर, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पाठ्यपुस्तक वितरण प्रभारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कार्यालय के अभिलेखों का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। इस दौरान विभागीय जांच से संबंधित अत्यंत संवेदनशील प्रकरणों को दीर्घकाल से लंबित रखने और सौंपे गए दायित्वों के प्रति घोर उदासीनता बरतने के कारण कलेक्टर ने डीई (विभागीय जांच) सर्तकता शाखा प्रभारी के विरुद्ध भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
कर्मचारियों और शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि शिक्षकों से संबंधित विभिन्न दावों, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, स्वत्वों के एरियर, भविष्य निधि (जी पी एफ/डी पी एफ) आहरण और अन्य देयकों का तत्काल परीक्षण कर समय-सीमा के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। स्थापना शाखा के अंतर्गत कर्मचारियों की क्रमोन्नति, पदोन्नति और समयमान , वेतनमान के लंबित प्रकरणों न रहें और पात्रता अनुसार उनका ससमय निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, विभाग के माध्यम से स्वीकृत लैपटॉप और स्कूटी के आवंटन तथा वितरण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए पूर्व में किए गए वितरण एवं शेष उपलब्ध स्टॉक का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कर मिलान करने के निर्देश स्थापना व आईटी सेल को दिए गए, ताकि शासकीय पोर्टल्स पर सभी प्रविष्टियां रियल-टाइम में अद्यतन रहें।
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरण , आरटीआई आवेदनों और लेखा परीक्षा से संबंधित आपत्तियों का गुणवत्तापूर्ण और समय-सीमा के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और छात्र हित की नीतियों में किसी भी स्तर पर कर्तव्य-विमुखता अथवा शिथिलता पूर्णतः अक्षम्य है और कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार न होने पर संबंधितों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक केवी ,जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।


