मानसून अलर्ट: निगमायुक्त ने परखी शहर की जल निकासी व्यवस्था, स्लुइस गेट का किया संचालन
सागर। मानसूनी बारिश की शुरुआत के साथ ही नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने निगमाध्यक्ष वृंदावन अहिरवार के साथ शहर की वर्षाजल निकासी व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर नाले-नालियों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा जिला चिकित्सालय मार्ग स्थित ग्रेविटी होटल के पास छोटी झील में लगाए गए स्लुइस गेट का स्वयं मैन्युअल संचालन कर उसकी कार्यप्रणाली देखी।
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने तुलसी नगर वार्ड के कंपाउंड बगीचा नाले सहित शहर के प्रमुख नालों का निरीक्षण किया। उन्होंने सफाई मित्रों को निर्देश दिए कि बारिश के दौरान बहकर आने वाले कचरे से नालियां जाम न हों, इसके लिए लगातार निगरानी रखी जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि शहर में कहीं भी जलभराव की स्थिति न बने।
निगमायुक्त ने बताया कि मानसून से पहले नाले-नालियों की व्यापक सफाई, बंद नालियों को पुनः चालू करने तथा आवश्यक स्थानों पर पक्के निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर कराया गया है। अब बारिश के दौरान इन व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखना आवश्यक है।
जिला चिकित्सालय मार्ग स्थित छोटी झील के स्लुइस गेट का निरीक्षण करते हुए उन्होंने बताया कि झील कायाकल्प परियोजना के तहत नालों के ग्रे-वॉटर को पाइपलाइन के माध्यम से डायवर्ट कर मोंगा बधान स्थित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाने की व्यवस्था पहले ही की जा चुकी है। मानसून के दौरान बड़े नालों से आने वाले तेज वर्षाजल के प्रवाह को नियंत्रित करने और पाइपलाइन व अन्य संरचनाओं की सुरक्षा के लिए स्लुइस गेट लगाए गए हैं।
उन्होंने स्वयं गेट का मैन्युअल संचालन कर उसकी कार्यप्रणाली का परीक्षण किया। बताया गया कि हैंडव्हील और स्टेम की सहायता से गेट को आसानी से खोला और बंद किया जा सकता है। आवश्यकता अनुसार इन गेटों के माध्यम से झील में वर्षाजल की निकासी और जल स्तर का संतुलन बनाए रखा जाएगा।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कहा कि बारिश के पूरे मौसम में जल निकासी व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि नागरिकों को जलभराव जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।


