रहस्यमयी मौत से सनसनी : सोते समय बिगड़ी शिक्षक और 9 वर्षीय बेटे की तबीयत, अस्पताल पहुंचने से पहले दोनों की मौत
सागर। जिले के गौरझामर में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक और रहस्यमयी घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। घर में सो रहे एक शिक्षक और उनके 9 वर्षीय बेटे की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर दौड़े, लेकिन जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में दोनों की मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, गौरझामर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में पदस्थ आचार्य भोलेनाथ प्रजापति (49 वर्ष) अपने 9 वर्षीय बेटे लक्ष्य प्रजापति के साथ मंगलवार रात घर में एक ही कमरे में सो रहे थे। वहीं उनकी पत्नी और तीन बेटियां दूसरे कमरे में थीं। देर रात करीब 2:30 बजे सबसे पहले लक्ष्य की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उसे घबराहट महसूस हुई। कुछ ही देर बाद भोलेनाथ प्रजापति की भी हालत खराब हो गई और उन्हें उल्टियां होने लगीं।
परिजन दोनों को तत्काल गौरझामर के एक स्थानीय डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें देवरी स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर देखते हुए दोनों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल सागर भेज दिया गया। दुर्भाग्यवश जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में पिता-पुत्र ने दम तोड़ दिया।
परिजनों के मुताबिक, भोलेनाथ प्रजापति मंगलवार को मढ़ी जमुनिया गांव में एक परिचित के यहां आयोजित शादी समारोह में शामिल होने गए थे। रात करीब 8 बजे वे घर लौट आए थे। इसके बाद परिवार के साथ सामान्य रूप से समय बिताया और बेटे लक्ष्य के साथ सो गए। देर रात हुई इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
मृतक लक्ष्य परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी चार बहनें हैं, जिनमें एक की शादी हो चुकी है। एक साथ पिता और बेटे की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गौरझामर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों का पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। फिलहाल मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि आखिर पिता-पुत्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई।


