जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक संपन्न: वन भूमि पर अतिक्रमण और सीमा विवाद सुलझाने के लिए कलेक्टर के निर्देश

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जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक संपन्न: वन भूमि पर अतिक्रमण और सीमा विवाद सुलझाने के लिए कलेक्टर के निर्देश

मानसून पूर्व वृहद वृक्षारोपण और सामाजिक वानिकी के तहत काम करने के दिये निर्देश

सागर।  जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शुक्रवार को कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की  बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य रूप से वन और राजस्व विभाग के बीच लंबे समय से लंबित सीमा विवादों को सुलझाने, वन भूमि से अतिक्रमण हटाने और वन्यजीव संरक्षण को लेकर व्यापक रणनीति पर चर्चा की गई।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक केवी, नगर निगम कमिश्नर श्री राजकुमार खत्री, डीएफओ साउथ श्री वरुण यादव , डीएफओ नॉर्थ श्री चंद्रशेखर सिंह,  डीएफओ वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व श्री रजनीश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश सिन्हा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने राजस्व और वन विभाग के आपसी समन्वय पर विशेष जोर दिया। वन भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमणों को चिन्हित कर तत्काल बेदखली की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। वन और राजस्व विभाग की सीमाओं से जुड़े मामलों के निराकरण के लिए संयुक्त दल गठित करने तथा विभिन्न विकासात्मक कार्यों के लिए आवश्यक एफआरए को ध्यान में रखते हुए और एनओसी  के मामलों को समय-सीमा में निपटाने के निर्देश दिए गए।

बैठक के एजेंडे में पर्यावरण संतुलन और वन्यजीवों की सुरक्षा के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। जंगलों से गुजरने वाली हाईटेंशन और घरेलू विद्युत लाइनों की सख्त मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए ताकि करेंट लगने से बाघ एवं अन्य वन्यजीवों के शिकार की घटनाओं को रोका जा सके। मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते टकराव को रोकने के लिए मैदानी अमले को सतर्क रहने तथा स्टेट टाइगर सेल को सक्रिय कर नियमित बैठकें आयोजित करने की बात कही गई।

आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए कलेक्टर ने जिले में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा। वन विभाग के नॉर्थ और साउथ दोनों डिवीजनों  में बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाने का खाका तैयार किया गया है। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि सामाजिक वानिकी के माध्यम से खाली पड़ी सरकारी भूमियों और जल गंगा संवर्धन योजना के तहत जल स्रोतों के आसपास व्यापक रूप से पौधे रोपे जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि खनिज और वन क्षेत्र से जुड़े जितने भी संवेदनशील मामले हैं, उन पर पुलिस, राजस्व और वन विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करे। वन भूमि का संरक्षण और वन्यप्राणियों की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है, इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए।

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