सागर पुलिस प्रशिक्षण शाला से निकले 302 नए प्रहरी, आईजी मिथलेश शुक्ला ने दिलाई कर्तव्य की सीख

सागर पुलिस प्रशिक्षण शाला में दीक्षांत समारोह संपन्न, 302 नव आरक्षक बने पुलिस बल का हिस्सा

सागर। पुलिस प्रशिक्षण शाला (पीटीएस) मकरोनिया, सागर में शुक्रवार को 15वें नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र 2025-26 का दीक्षांत समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में 302 प्रशिक्षु नव आरक्षकों ने प्रशिक्षण पूर्ण कर दीक्षांत परेड में भाग लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक नर्मदापुरम जोन एवं अतिरिक्त प्रभार सागर जोन मिथिलेश शुक्ला रहे। दीक्षांत परेड में प्रशिक्षु विक्रम सिंह सोलंकी ने परेड कमांडर के रूप में मुख्य अतिथि को सलामी दी तथा परेड निरीक्षण के लिए आमंत्रित किया। इसके बाद मुख्य अतिथि ने परेड का निरीक्षण किया।

परेड के उपरांत पुलिस प्रशिक्षण शाला सागर की पुलिस अधीक्षक श्रीमती लवली सोनी ने प्रशिक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि 15 जून 2025 से प्रारंभ हुआ यह प्रशिक्षण सत्र आज सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ है, जिसमें 302 नव आरक्षकों को आधुनिक पुलिसिंग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित किया गया।

प्रशिक्षुओं को कानून, साइबर अपराध, फील्ड क्राफ्ट, भीड़ नियंत्रण, मैप रीडिंग सहित पुलिस के मैदानी कार्यों का व्यापक प्रशिक्षण दिया गया। शारीरिक एवं मानसिक दक्षता के लिए पीटी परेड, योग, मेडिटेशन, गीता पाठ, सर्किट ट्रेनिंग तथा डायनामिक ट्रेनिंग कराई गई। साथ ही विशेष प्रशिक्षकों द्वारा कलारिपयट्टू युद्ध कला का प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।

व्यावहारिक अनुभव के लिए नव आरक्षकों को एफएसएल, केंद्रीय जेल, वन स्टॉप सेंटर एवं शिशु बाल गृह का भ्रमण कराया गया, जिससे उन्हें पुलिस कार्यप्रणाली और संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी मिल सके।

समारोह में मध्यप्रदेश पुलिस के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना एवं पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण)  रविकुमार गुप्ता के मार्गदर्शन का विशेष उल्लेख किया गया, जिनके निर्देशन में प्रशिक्षण को प्रभावी रूप से संचालित किया गया।

मुख्य अतिथि मिथिलेश शुक्ला ने अपने संबोधन में नव आरक्षकों को ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान को कार्यक्षेत्र में पूरी निष्ठा से लागू करें। उन्होंने नव आरक्षकों से अपनी आंखों और कानों पर भरोसा रखने तथा परिस्थितियों में सूझबूझ और त्वरित निर्णय क्षमता का उपयोग करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि यदि कोई गलत कार्य करने के लिए कहे तो उसे विनम्रता और दृढ़ता के साथ अस्वीकार करें, क्योंकि अंततः सत्य की ही विजय होती है। साथ ही उन्होंने साइबर अपराधों, नई तकनीकों और नवीन कानूनों की जानकारी निरंतर प्राप्त करते रहने की सलाह दी।

दीक्षांत समारोह के साथ ही 302 नव आरक्षक प्रशिक्षण पूर्ण कर मध्यप्रदेश पुलिस के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार हो गए।

चैनल हैड- गजेंद्र ठाकुर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here