कलेक्टर प्रतिभा पाल के सख्त निर्देश: मानसून से पहले तालाब दुरुस्त करें, अतिक्रमण हटाएं, 15 दिन में लंबित प्रकरण निपटाएं
सागर। जिले की जल संरचनाओं के पुनरुद्धार और प्रशासनिक कसावट को लेकर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने सख्त निर्देश दिए हैं। समय-सीमा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘जलगंगा संवर्धन अभियान’ के तहत मानसून आने से पहले जिले के सभी तालाबों और बावड़ियों को दुरुस्त किया जाए और जल स्रोतों पर हुए अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाए।
जल संरक्षण और अतिक्रमण पर कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जल-संग्रहण की सभी संरचनाओं को वर्षा ऋतु के लिए तैयार करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड पर उतरकर तालाबों से अवैध कब्जे हटाने और जल स्रोतों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जल स्तर में सुधार हो सके।
लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्रीमती पाल ने कहा कि विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों और सीएम मॉनिट की रिपोर्ट हर हाल में 15 दिनों के भीतर भेजी जाए। साथ ही, उन्होंने सभी पेंडिंग केसों को इसी सप्ताह निराकृत करने के भी निर्देश दिए हैं।
कार्यालयीन कार्यप्रणाली में सुधार लाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कार्यालय समय की बाध्यता दोहराई। उन्होंने कहा कि सभी शासकीय सेवक सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहें।उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन और जनहित के कार्यों में समय का विशेष ध्यान रखा जाए।
कलेक्टर ने उपार्जन केंद्रों पर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी एसडीएम को नियमित निरीक्षण और मंडी विजिट करने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने कहा कि परिवहन और स्टॉक नोट में किसी भी विसंगति न पाई जाए।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जिन ब्लॉकों में पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) शत-प्रतिशत नहीं भरे हैं, वहां जिला कार्यक्रम अधिकारी स्वयं मॉनिटरिंग करें और मैदानी अमला घर-घर जाकर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें भर्ती कराए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ विवेक के.वी., नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिसेन, सभी एसडीएम एवं जिला अधिकारी उपस्थित थे।


