बरगी डैम में बड़ा हादसा: तेज आंधी में पर्यटन क्रूज डूबा, 9 की मौत, कई लापता
जबलपुर। बरगी डैम में गुरुवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया, जब पर्यटन विभाग का एक क्रूज अचानक आई तेज आंधी की चपेट में आकर डूब गया। इस दर्दनाक घटना में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 24 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। प्रशासन के अनुसार 9 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय क्रूज में करीब 40 से 45 पर्यटक सवार थे। यह दुर्घटना किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुई, जिससे राहत और बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी:
शुरुआती बचाव कार्य में SDRF की टीम ने कई लोगों की जान बचाई, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम के चलते ऑपरेशन प्रभावित हुआ। शुक्रवार सुबह से दोबारा तेजी से रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए सेना, पैरामिलिट्री फोर्स और स्पेशल टीमें मौके पर तैनात हैं। हैदराबाद से हेलिकॉप्टर और कोलकाता से विशेष टीम को भी बुलाया गया है। पानी में करीब 20 फीट नीचे फंसे क्रूज को बाहर निकालने के लिए हाइड्रॉलिक मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पर्यटन मंत्री के बयान पर सवाल:
हादसे के बाद प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी जबलपुर पहुंचे, लेकिन उनके बयान ने नए सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी में पेट्रोल-डीजल से चलने वाली बोट पर रोक है और उन्हें इस क्रूज के संचालन की जानकारी नहीं थी।
क्रूज पायलट का बयान:
क्रूज के पायलट महेश ने बताया कि सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे, लेकिन अचानक आए तेज तूफान के कारण क्रूज अनियंत्रित हो गया और किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। महेश को इस क्षेत्र में 10 साल का अनुभव बताया जा रहा है।
एक परिवार के कई सदस्य लापता:
ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया के कर्मचारी कामराज आर्य अपने परिवार के 15 लोगों के साथ घूमने आए थे। उनके माता-पिता किनारे पर थे, लेकिन पत्नी, बच्चे और अन्य परिजन क्रूज में सवार थे। हादसे के बाद उनके परिवार के कई सदस्य लापता हैं, जबकि एक बच्चे को सुरक्षित बचा लिया गया है।
क्रूज की स्थिति पर सवाल:
पर्यटन विभाग के अनुसार, हादसे का शिकार हुआ क्रूज वर्ष 2006 में बना था और इसकी क्षमता 60 यात्रियों की थी। फिलहाल डैम में यही एक क्रूज संचालित हो रहा था, जबकि दूसरा पहले से खराब बताया गया है।
मृतकों की पहचान:
अब तक जिन लोगों की पहचान हुई है, उनमें शामिल हैं—
नीतू सोनी (43), सौभाग्यम अलागन (42), मधुर मैसी (62), काकुलाझी (38), रेशमा सैयद (66), शमीम नकवी (66), मरिना मैसी (39) और 4 वर्षीय त्रिशान। एक शव की पहचान अभी बाकी है।
स्थिति गंभीर:
प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। लगातार चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।


