नशे पर कलेक्टर का सख्त एक्शन: गांजा खेती, अवैध दवा बिक्री पर कड़ी कार्रवाई, स्कूलों के पास बिक रहे नशे पर भी शिकंजा

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नशे पर कलेक्टर का सख्त एक्शन: गांजा खेती, अवैध दवा बिक्री पर कड़ी कार्रवाई, स्कूलों के पास बिक रहे नशे पर भी शिकंजा

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स्कूल-कॉलेजों में काउंसलिंग कक्ष बनेंगे, जिला स्तर पर जीरो टॉलरेंस अभियान शुरू

सागर। जिले में बढ़ते नशे के कारोबार पर लगाम कसने के लिए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गांजे की अवैध खेती, बिना पर्ची नशीली दवाओं की बिक्री और स्कूलों के आसपास पनप रहे नशे के नेटवर्क पर तत्काल प्रभाव से कड़ी कार्रवाई की जाए।

कलेक्टर ने कहा कि जिले में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस, प्रशासन और अन्य विभागों को संयुक्त रूप से कार्रवाई कर सप्लाई चेन तोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।

स्कूलों के आसपास बिक रहे नशे पर सख्ती
बैठक में यह मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया कि कई स्कूलों और कॉलेजों के आसपास शराब, गुटखा और अन्य नशीले पदार्थ खुलेआम बेचे जा रहे हैं। कलेक्टर ने पुलिस और आबकारी विभाग को ऐसे स्थानों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशे का कोई भी कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दवा दुकानों पर कड़ी निगरानी
कलेक्टर ने औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिए कि संदिग्ध मेडिकल स्टोर्स और स्टॉकिस्टों की सूची तैयार की जाए। बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन नशीली दवाओं की बिक्री करने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। सभी दुकानों में दवाओं के स्टॉक और बिक्री का रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

गांजा खेती करने वालों पर होगी कार्रवाई
राजस्व और पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से जिले में गांजे की अवैध खेती करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मैदानी अमले को इस दिशा में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

स्कूल-कॉलेजों में बनेगा काउंसलिंग सिस्टम
युवाओं को नशे से बचाने के लिए शिक्षा विभाग को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी स्कूलों और कॉलेजों में काउंसलिंग कक्ष स्थापित किए जाएंगे। नशे की गिरफ्त में आए छात्रों की पहचान कर उनके अभिभावकों के साथ मिलकर काउंसलिंग की जाएगी और शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

नशा मुक्ति के लिए अस्पतालों में विशेष वार्ड
जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में नशे के आदी मरीजों के उपचार के लिए 6-6 बेड के अलग वार्ड तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उन्हें समुचित इलाज और परामर्श मिल सके।

बैठक में एसपी विकास शाहवाल, नगर निगम कमिश्नर राजकुमार खत्री, डीएसपी लोकेश सिंहा, सिटी मजिस्ट्रेट गगन विसेन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

कलेक्टर का संदेश:
“नशा मुक्त समाज बनाना हमारी प्राथमिकता है। प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग मिलकर ऐसा तंत्र विकसित करें जिससे नशीले पदार्थों की सप्लाई पूरी तरह खत्म हो और युवाओं को सुरक्षित भविष्य मिल सके।”

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