ध्वनि चिकित्सा और अभिव्यक्ति प्रक्रिया पर हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम, प्रतिभागियों को दिए गए प्रमाण पत्र
सागर। भारतीय स्त्रीशक्ति मध्यप्रदेश एवं सिद्धासना एवं जीवन शैली के संयुक्त तत्वावधान में 16 अप्रैल 2026 को “ध्वनि चिकित्सा एवं अभिव्यक्ति प्रक्रिया के प्रशिक्षण” विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के सम्मान के साथ हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रतिभा तिवारी ने कहा कि शब्दों में शक्ति होती है और ध्वनि में उपचार की क्षमता निहित होती है। उन्होंने बताया कि ध्वनि चिकित्सा व्यक्ति के भीतर शांति और संतुलन लाती है, जबकि अभिव्यक्ति की प्रक्रिया व्यक्ति को समाज में प्रभावी रूप से प्रस्तुत होने में सक्षम बनाती है। उन्होंने इसे मानसिक स्वास्थ्य और सफल जीवन की महत्वपूर्ण कुंजी बताया। इस अवसर पर उनके द्वारा रचित “अध्यात्म प्रतिभा” पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
मुख्य वक्ता के रूप में बेंगलुरु से आईं नम्रता मेहता ने सकारात्मक ध्वनि और प्रभावशाली अभिव्यक्ति को जीवन में अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आत्मा और परमात्मा की अनुभूति भीतर की यात्रा से संभव है और सकारात्मक सोच से ही जीवन में संतुलन और सफलता प्राप्त की जा सकती है।
मुख्य अतिथि सुष्मिता ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि ध्वनि जहां मन को स्वस्थ बनाती है, वहीं अभिव्यक्ति जीवन को दिशा देती है। उन्होंने शांत और सशक्त अभिव्यक्ति को सफलता का आधार बताया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विधि विभाग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। आभार प्रदर्शन सहायक प्राध्यापक डॉ. सुषमा द्विवेदी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में डॉ. प्रज्ञा उपाध्याय, सौम्या तिवारी, डॉ. सुनीता दीक्षित, सुमन तिवारी, शैलवाला बैरागी एवं ज्योति गौतम सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। अंत में वंदे मातरम् गीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


