स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता परखने जिला अस्पताल पहुँचीं कलेक्टर,अनुपस्थित चिकित्सकों पर कार्रवाई, कबाड़ हटाने के निर्देश
नवजातों को दुलारा, प्रसूताओं से पूछा- “कोई दिक्कत तो नहीं?
सागर। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को जमीनी स्तर पर परखने के लिए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने बुधवार को जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। अचानक अस्पताल पहुँचीं कलेक्टर ने एक ओर जहाँ मरीजों और नवजातों के प्रति संवेदनशीलता दिखाई, वहीं दूसरी ओर लापरवाही बरतने वाले स्टाफ और अव्यवस्थाओं पर कड़ा रुख अख्तियार किया।
वार्डों का सघन निरीक्षण
कलेक्टर ने अस्पताल के ओटी (OT), इमरजेंसी, आईसीयू (ICU), एचडीयू (HDU) और एसएनसीयू (SNCU) सहित जनरल, पीडिया वार्ड का बारीकी से निरीक्षण किया। एसएनसीयू और पीडिया वार्ड में कलेक्टर का ममतामयी रूप देखने को मिला। उन्होंने भर्ती नवजात शिशुओं को दुलारा और उनके स्वास्थ्य के संबंध में डॉक्टरों से चर्चा की। प्रसूति वार्ड में उन्होंने महिलाओं से चर्चा कर अस्पताल में मिल रहे उपचार, निःशुल्क दवाइयों और भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रसूताओं को शासन की योजनाओं का लाभ मिलने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए।
ब्लड बैंक के लिए नई रणनीति और अनुपयोगी सामग्री का निपटारा
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि अस्पताल के कुछ कोनों में अनुपयोगी सामग्री (कबाड़) जमा है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अनुपयोगी सामग्री को तुरंत ‘राइट ऑफ’ (Write-off) कर ऑक्शन/ निष्कासित करें, ताकि अस्पताल में साफ-सफाई और खाली जगह का बेहतर प्रबंधन हो सके।
दौरान उन्होंने निर्देशित किया कि जिले में रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रति माह नियमित रक्तदान कैंप आयोजित किए जाएं।
कलेक्टर श्रीमती पाल ने कहा कि चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें। मरीज दूर-दराज से बड़ी उम्मीद लेकर यहाँ आते हैं। यदि कोई भी ड्यूटी से नदारद पाया गया या कार्यों में लापरवाही बरती गई, तो कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं में कोई कोताही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान ड्यूटी रोस्टर के अनुसार अपने कार्यस्थल पर अनुपस्थित पाए गए चिकित्सकों को चेतावनी के साथ नोटिस कमाया गया है।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के भ्रमण के दौरान वार्ड क्रमांक 02 (प्रसूति वार्ड) में शाम के राउंड पर डॉक्टर के उपस्थित न होने का मामला सामने आया था। कलेक्टर द्वारा व्यक्त की गई नाराजगी के बाद संबंधित चिकित्सक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को उपचार मिलने में असुविधा हुई, जो कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही है। संबंधित डॉक्टर से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट श्री गगन बिसेन , सीएमएचओ डॉ आर्य, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवायें सागर संभाग डॉ नीना गिडियन, सिविल सर्जन डॉ आरएस जयंत सहित जिला चिकित्सालय के अन्य डॉक्टर्स , स्टाफ भी मौजूद थे।


