स्लीपर बसों की नियमित जांच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। निर्देशानुसार, सभी स्लीपर बसों में एआईएस-119 बस बॉडी कोड के तहत सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होगा। इसके अंतर्गत प्रवेश एवं निर्गम के लिए अलग-अलग दो दरवाजे, अग्नि सुरक्षा हेतु एफडीएसएस प्रणाली, आगे-पीछे 10-10 किलोग्राम के अग्निशमन यंत्र तथा चार इमरजेंसी गेट (ड्राइवर साइड, पीछे के गेटवे एवं छत पर आगे-पीछे) होना आवश्यक है। साधारण श्रेणी की बसों की फिटनेस जांच भी अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए। इनमें भी अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए दो अग्निशमन यंत्र (आगे एवं पीछे) होना जरूरी है। साथ ही सभी बसों में प्रवेश एवं निर्गम के लिए अलग-अलग दो दरवाजे तथा कम से कम एक इमरजेंसी गेट (ड्राइवर साइड) होना अनिवार्य है। सभी यात्री बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) एवं पैनिक बटन लगाए जाने तथा उनके सुचारू रूप से कार्य करने की भी जांच करने को कहा गया।
आगामी शादी-विवाह एवं त्योहारों के मद्देनजर यात्रियों की संख्या बढ़ने और यातायात दबाव को देखते हुए ओवरलोडिंग एवं ओवरस्पीडिंग पर नियंत्रण हेतु सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि यात्रियों से निर्धारित दर से अधिक किराया न वसूला जाए। स्कूल बसों की व्यवस्थित जांच के निर्देश देते हुए कहा गया कि सभी बसों में सीसीटीवी कैमरे लगे हों और वे चालू अवस्था में हों। प्रत्येक स्कूल बस में एक अटेंडर होना अनिवार्य है, तथा छात्राओं के परिवहन की स्थिति में महिला अटेंडर या महिला शिक्षिका की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। यह भी पाया गया कि शादी-विवाह के अवसर पर स्कूल बसों का उपयोग बिना परमिट मैरिज पार्टी के परिवहन में किया जाता है। ऐसे मामलों में अवैध रूप से संचालित बसों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी कहा गया कि सभी परिवहन अधिकारी अपने-अपने जिलों में बस संचालकों की बैठक आयोजित कर इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराएं। साथ ही जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक प्रत्येक माह आयोजित कर लिए गए निर्णयों का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।


