नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटा तो दतिया में बवाल, 12 घंटे हाईवे जाम; पुलिस-प्रदर्शनकारियों में हिंसक झड़प
दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा द्वारा डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया। शुक्रवार शाम 5:30 बजे शुरू हुआ चक्काजाम शनिवार सुबह करीब 5 बजे तक जारी रहा, जिससे ग्वालियर-झांसी हाईवे पर लगभग 15–20 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई
शनिवार तडके करीब 4:30 बजे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। प्रशासन के अनुसार पथराव में एसपी, भांडेर एसडीओपी सहित 8 पुलिसकर्मी घायल हुए। इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। जिसके बाद अधिकांश प्रदर्शनकारी पास बने भाजपा कार्यालय की ओर भाग खड़े हुए। कलेक्टर के अनुसार लाठीचार्ज नहीं किया गया।
एसडीओपी की गाड़ी के शीशे तोड़े
प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया। एक पुलिस वाहन पलट दिया गया, एसडीओपी की गाड़ी के शीशे तोड़े गए, 5–6 ट्रकों के कांच फोड़े गए तथा एक वाहन में आग लगाने का भी प्रयास किया गया। हालात को देखते हुए दतिया भाजपा कार्यालय में मौजूद करीब 250 कार्यकर्ताओं को बाहर नहीं निकलने दिया गया। बाद में पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद समर्थक बाहर आए। पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
सीआरपीएफ की कंपनियां तैनात
कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए जिले में सीआरपीएफ की 17 कंपनियां तैनात की गई हैं। उन्होंने कहा कि जाम लगाने वाले लोगों को समझाया जा चुका है और यदि दोबारा कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश हुई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी कहा कि व्यापारियों पर दुकानें बंद करने का कोई दबाव नहीं बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जो पथराव हुआ, उसमें पत्थर आकर उनके भी हेलमेट में लगा।
पथराव में घायल हुए पुलिस अधिकारी
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया । इस पथराव में एडिशनल एसपी मनजीत चावला, एसडीओपी भांडेर पूनम चंद यादव, एसडीओपी बड़ौनी विनायक शुक्ला सहित कुछ अन्य पुलिस कर्मियों को चोटें आई। एसडीओपी भांडेर का हाथ भी गंभीर रूप से जख्मी हो गया। एसपी मयूर खंडेलवाल ने बताया कि जाम को पूरी तरह खुलवा दिया गया है। साथ पुलिस निगरानी कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है। जिन पर आचार संहिता के उल्लंघन का प्रकरण दर्ज किए जाने की संभावना है।


