विधायक शैलेन्द्र जैन और कलेक्टर प्रतिभा पाल ने खुरई रोड स्थित इंडस्ट्रियल एरिया का किया संयुक्त निरीक्षण

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विधायक शैलेन्द्र जैन और कलेक्टर प्रतिभा पाल ने खुरई रोड स्थित इंडस्ट्रियल एरिया का किया संयुक्त निरीक्षण

सागर के नियोजित विकास और औद्योगिक क्षेत्रों के पुनरुद्धार की दिशा में आज विधायक शैलेन्द्र जैन एवं कलेक्टर प्रतिभा पाल ने खुरई रोड स्थित इंडस्ट्रियल एरिया का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों के साथ नक्शे के माध्यम से क्षेत्र की शासकीय भूमि और जर्जर अधोसंरचना की बिंदुवार समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त एवं सागर स्मार्ट सिटी के सीईओ  राजकुमार खत्री, अनुविभागीय अधिकारी श्री अमन मिश्रा, जीएम डीआईसी श्रीमती मंदाकिनी पांडे सहित अन्य अधिकारियों सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

70 हजार वर्ग फीट के जर्जर क्षेत्र को नया रूप देने की तैयारी

समीक्षा के दौरान बताया गया कि खुरई रोड इंडस्ट्रियल एरिया में मुख्य मार्ग से लगी लगभग 70 हजार वर्ग फीट भूमि पर मार्कफेड के पुराने गोदाम, पुराना वृद्धाश्रम और लंबे समय से बंद पड़ी फैक्ट्रियों के जर्जर भवन व खाली प्लॉट स्थित हैं। इस बेशकीमती शासकीय भूमि को पुनः उपयोगी बनाने और शहर हित में इसके विकास के लिए प्रोजेक्ट्स स्थापित करने पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

निरीक्षण के दौरान विधायक शैलेन्द्र जैन ने कहा कि पुराने वृद्धाश्रम और उससे लगे जर्जर भवनों व खाली प्लॉट की करीब 34 हजार वर्ग फीट भूमि विभिन्न विकास कार्यों और निर्माण के लिए बेहद उपयुक्त है। उन्होंने बताया कि पूर्व में सागर को दो अत्याधुनिक ऑडिटोरियम की सौगात मिली थी, जिनमें से एक तिली चौराहे पर निर्माणाधीन है। दूसरे ऑडिटोरियम के लिए यहां अनुकूलताएं तलाशी जा रहीं हैं। जिससे इस क्षेत्र के नागरिकों को सांस्कृतिक व सामाजिक गतिविधियों के लिए एक बेहतरीन सुविधा मिल सकेगी।

कलेक्टर  प्रतिभा पाल ने उद्योग विभाग के अधिकारियों से उक्त क्षेत्र की समस्त शासकीय भूमि का रिकॉर्ड तलब किया। उन्होंने मार्कफेड के 4 भवनों, 2 प्राइवेट इंडस्ट्रीज के जर्जर ढांचों, शासकीय प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र के अनुपयोगी भवनों और कन्या छात्रावास की भूमि की ‘गूगल अर्थ’ (Google Earth) के माध्यम से तत्काल डिजिटल मैपिंग कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर  पाल ने कहा कि खुरई रोड स्थित यह पूरी बेल्ट मुख्य मार्ग से जुड़ी होने के कारण बेहद महत्वपूर्ण है और यहां  आधुनिक उपक्रम स्थापित करना  बेहतर विकल्प होगा। उन्होंने कहा कि मेट्रो शहरों की तर्ज पर अब सागर जैसे तेजी से बढ़ते शहरों में भी आईटी पार्क विकसित करने की योजना है। चूंकि आईटी सेक्टर एक सर्विस-बेस्ड हब होता है, इसलिए शहर के नजदीक होने से युवाओं को रोजगार के बड़े अवसर मिलेंगे।

वार्डों में खेल परिसर और सामुदायिक भवनों के लिए भूमि चिह्नित करने के निर्देश

कलेक्टर ने निर्देशित किया कि शहर के विभिन्न वार्डों में उपलब्ध अन्य शासकीय भूमियों को भी चिह्नित करें। इन जमीनों पर जनोपयोगी विकास कार्यों जैसे- स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (खेल परिसर), सामुदायिक भवन और पार्कों की योजना बनाकर उनका त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

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