ऑनलाइन टूर पैकेज के नाम पर 9 लाख से अधिक की धोखाधड़ी करने वाला अंतरराज्यीय आरोपी प्रदेश के बाहर से गिरफ्तार
सगार। फरियादी अजय माखीजा पिता रमेश कुमार माखीजा, उम्र 32 वर्ष, निवासी सुभाषनगर वार्ड सागर, द्वारा थाना मोतीनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि वह कपड़ों की दुकान संचालित करता है। दिनांक 03 सितम्बर 2025 को अपने मित्रों के साथ वियतनाम घूमने जाने की योजना बनाते हुए उसने इंटरनेट पर टूर पैकेज की जानकारी ली, जहां उसे “लवफार माउट” नामक कंपनी की आईडी प्राप्त हुई।
उक्त आईडी संचालित करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम राकेश विष्ट बताकर फरियादी को भरोसे में लिया और टूर पैकेज उपलब्ध कराने के नाम पर अलग-अलग किस्तों में कुल ₹9,06,800/- की राशि प्राप्त कर ली। बाद में कोई सेवा प्रदान न करते हुए संपर्क बंद कर दिया, जिससे फरियादी के साथ धोखाधड़ी होना पाया गया।
प्रकरण में प्रथम दृष्टया अपराध धारा 318(4) बीएनएस का पाए जाने पर थाना मोतीनगर में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
पुलिस कार्यवाही
प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में तथा वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देशानुसार विशेष टीम गठित कर तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश की गई।
सघन पतारसी एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी की पहचान कर आरोपी राकेश विष्ठ पिता उमेद सिंह विष्ठ, उम्र 35 वर्ष, निवासी पालोली (नियर देवी मंदिर), खथपुरिया, क्योराली, थाना रानीखेत, जिला अल्मोड़ा (उत्तराखंड) को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ एवं परिणाम
पुलिस अभिरक्षा में पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा धोखाधड़ी करना स्वीकार किया गया। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में केन्द्रीय जेल सागर भेजा गया
यह कार्यवाही अंतरराज्यीय साइबर/ऑनलाइन धोखाधड़ी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में सागर पुलिस की एक महत्वपूर्ण सफलता है, जिससे आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ हुई है।
इस सराहनीय कार्यवाही में निरीक्षक जसवंत सिंह राजपूत (थाना प्रभारी मोतीनगर), सहायक उपनिरीक्षक माधव सिंह, प्रधान आरक्षक 799 दिनेश, प्रधान आरक्षक 844 सुनील चौबे, प्रधान आरक्षक नदीम शेख, आरक्षक सत्येन्द्र, आरक्षक अनुराग एवं आरक्षक राहुल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ऑनलाइन टूर पैकेज या किसी भी सेवा का चयन करते समय संबंधित कंपनी/एजेंसी की विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें। अनजान व्यक्तियों या संदिग्ध आईडी पर बिना सत्यापन के पैसे ट्रांसफर न करें। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी होने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।


