पेट्रोल बचाओ अपील के बाद देश में पहली कार्रवाई : 100 से ज्यादा लग्जरी गाड़ियों के काफिले ने छीनी भाजपा पदाधिकारी की कुर्सी
भिंड में भाजपा नेता सज्जन सिंह यादव का शक्ति प्रदर्शन उनके लिए मुश्किल बन गया। 100 से अधिक लग्जरी वाहनों के लंबे काफिले के साथ शहर में प्रवेश करने के मामले में पार्टी ने सख्त कदम उठाते हुए उन्हें जिला भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष पद से हटा दिया। नियुक्ति के केवल 18 दिन बाद ही यह कार्रवाई की गई है।
बताया जा रहा है कि बुधवार शाम अध्यक्ष बनने के बाद सज्जन सिंह यादव समर्थकों के साथ शहर में शक्ति प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान बड़ी संख्या में वाहन सड़कों पर उतर आए, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हुई। काफिले में लगातार हॉर्न बजने और नारेबाजी के कारण शहर में काफी शोर-शराबा भी हुआ। मामले को गंभीरता से लेते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने कार्रवाई करते हुए उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी। बताया जा रहा है कि इस तरह की कार्रवाई का यह देश में पहला मामला माना जा रहा है।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छह दिनों के भीतर दो बार ईंधन बचाने की अपील की थी। इसके बाद उन्होंने अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, अन्य केंद्रीय मंत्री, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्य के मंत्रियों ने भी अपने काफिलों को सीमित किया है। ऐसे समय में सज्जन सिंह यादव का बड़े वाहन काफिले के साथ शक्ति प्रदर्शन पार्टी नेतृत्व को नागवार गुजरा।
मामला सामने आने के बाद भाजपा संगठन ने सज्जन सिंह यादव से जवाब मांगा। पार्टी नेतृत्व के सामने उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी कार्यकर्ता या समर्थक को वाहन लेकर आने के लिए नहीं बुलाया था। उनके अनुसार लोग अपनी इच्छा से काफिले में शामिल हुए थे और यह पार्टी के प्रति उनके उत्साह और समर्थन का प्रतीक था।
उधर, नियुक्ति रद्द होने के बाद मीडिया ने सज्जन सिंह यादव से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र नरवरिया ने बताया कि इस संबंध में सज्जन सिंह यादव से चर्चा की गई थी। उनका कहना था कि उन्होंने किसी को काफिले में शामिल होने का निमंत्रण नहीं दिया था और समर्थक स्वेच्छा से वहां पहुंचे थे।


