न्यायालय प्रकरणों में जवाब प्रस्तुत न करने वाले विभाग अधिकारियों पर एक—एक हजार की पेनल्टी लगायें

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न्यायालय प्रकरणों में जवाब प्रस्तुत न करने वाले विभाग अधिकारियों पर एक—एक हजार की पेनल्टी लगायें

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सागर। न्यायालय प्रकरणों में जवाब प्रस्तुत न करने वाले विभाग अधिकारियों पर एक—एक हजार की पेनल्टी लगायें एवं सीएम मॉनिट, विभिन्न आयोग एवं जनप्रतिनिधियों के पत्रों का जवाब समय सीमा में प्रस्तुत करें। उक्त निर्देश कलेक्टर  प्रतिभा पाल ने समय—सीमा बैठक में दिए। इस अवसर पर नगर निगम कमिश्नर राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर अविनाश रावत सहित समस्त एसडीम एवं समस्त विभाग अधिकारी मौजूद थे।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने समय—सीमा बैठक की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए की आयोगों के द्वारा प्राप्त पत्रों, मुख्यमंत्री मॉनिट एवं जनप्रतिनिधियों के पात्रों का जवाब अधिकारी समय—सीमा में प्रस्तुत करें एवं उनको व्यक्तिगत रूप से अवगत भी कराएं। उन्होंने कहा कि जो विभागीय अधिकारी न्यायालय में लंबित प्रकरणों में समय—सीमा में जवाब प्रस्तुत नहीं करते हैं उन पर एक—एक की पेनल्टी लगाई जावे। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि किसी भी विभाग के अवमानना के प्रकरण लंबित नहीं होना चाहिए और समय—सीमा में जवाब प्रस्तुत करें। सभी विभाग प्रमुख सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का संवेदनशीलता के साथ एवं व्यक्तिगत संपर्क कर तत्काल संतुष्टि पूर्ण निराकरण करें एवं विभाग की रैंकिंग को ठीक करें।

तहसीलदार, नायब तहसीलदार रीडर का प्रशिक्षण आयोजित करें

कलेक्टर  प्रतिभा पाल ने निर्देश दिए कि जिले के समस्त तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों एवं उनके न्यायालय से संबंधित रीडर एवं अन्य अधिकारी, कर्मचारियों का एक दिवसीय कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में प्रशिक्षण आयोजित करें जिसमें न्यायालय से संबंधित सभी जानकारी प्रदान की जावे इसके बाद भी यदि किसी न्यायालय में किसी भी प्रकार की गलती प्राप्त होती है तो संबंधित न्यायालय प्रमुख के खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी तहसीलदार, नायब तहसीलदार के आदेश की तामीली एवं अमल समय सीमा में हो और इसकी जानकारी वापस तहसीलदार नायब तहसीलदार के पास रहे यह भी सुनिश्चित किया जावे।

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