सड़क हादसे में घायल शिक्षकों की जान बचाने में 112 बनी सहारा, कंट्रोल रूम की तत्परता से तत्काल रवाना हुई एफआरबी, समय पर मिला उपचार
सागर। आपातकालीन स्थिति में डायल-112 सेवा एक बार फिर लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हुई। क्वायल ब्रिज के पास हुए सड़क हादसे में पुलिस कंट्रोल रूम की त्वरित कार्यवाही एवं एफआरबी स्टाफ की तत्परता से घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया तथा परिजनों को तत्काल सूचना देकर उन्हें भी समय पर अस्पताल पहुंचाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार क्वायल ब्रिज के पास एक मोटरसाइकिल अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम द्वारा तत्काल एफआरबी क्रमांक-10 को मौके के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुंची एफआरबी टीम को कॉलर ने बताया कि वे लोग अपने गांव से बंडा तरफ शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया।
दुर्घटना में मोटरसाइकिल चालक कमल सिंह गौड़ पिता गोकल सिंह गौड़ उम्र 39 वर्ष निवासी ग्राम बमनोरा, पेशे से शिक्षक, गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर से लेकर पैरों तक कई स्थानों पर गंभीर चोटें आईं तथा अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था। वहीं दूसरे घायल मनोज साहू को भी चोटें आईं।
एफआरबी स्टाफ ने बिना समय गंवाए दोनों घायलों को तत्काल एफआरबी वाहन से बंडा अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार प्रारंभ कराया गया। साथ ही पुलिस द्वारा घायलों के परिजनों को तत्काल सूचना दी गई, जिससे परिजन समय पर अस्पताल पहुंच सके।
इस सराहनीय कार्य में एफआरबी क्रमांक-10 में ड्यूटी पर तैनात आरक्षक 1135 सोवरन यादव एवं पायलेट सोनी सिंह लोधी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं पुलिस कंट्रोल रूम द्वारा सूचना मिलते ही तत्काल समन्वय स्थापित कर एफआरबी को मौके पर रवाना किया गया, जिससे घायलों को समय पर सहायता मिल सकी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, संवेदनशीलता एवं मानवीय व्यवहार की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की गई।


