विश्वविद्यालय ; संस्कृत विभाग में विशेष व्याख्यान, डॉ. रामरतन पांडे लिखित पुस्तक का हुआ विमोचन

0

विश्वविद्यालय ; संस्कृत विभाग में विशेष व्याख्यान, डॉ. रामरतन पांडे लिखित पुस्तक का हुआ विमोचन

Ad 1

सागर | डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के संस्कृत विभाग एवं आर्ष परिषद् सागर के संयुक्त तत्त्वाधान में राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त पंडित प्रेमनारायण द्विवेदी के 20वें पुण्य स्मरण पर भारतीय ज्ञान परंपरा तथा पंडित प्रेमनारायण द्विवेदी विषय पर तत्त्ववबोध व्याख्यान एवं श्रद्धांजलि सभा रंगनाथन सभागार में आयोजित की गई। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. राजेंद्र यादव, मुख्य अतिथि प्रो. कुसुम भूरिया, सारस्वत अतिथि प्रो. रश्मि सिंह तथा विशिष्ठ अतिथि डॉ. रामहेत गौतम थे। कार्यक्रम मुख्य अतिथि प्रो. कुसुम भूरिया ने कहा कि पंडित प्रेमनारायण द्विवेदी शास्त्र- लोक दोनों के दृष्टा ऋषि थे। महात्मा पंडित प्रेमनारायण द्विवेदी पारंपरिक जहां शास्त्रीय पंडित थे, वहीं लोक को बारीकी से समझने वाले पंडित थे । उन्होंने मौलिक साहित्य में समाज की ज्वलन्त समस्याएं, तात्कालिक परिदृश्यों को साहित्य में उकेरा है । शनि चालीसा की रचना करके यह सिद्ध किया कि लोक सर्वोपरि है, लोक मंगल में ही हमारा मंगल है, शनि चालीसा की रचना मंगलकारी है इसके पारायण से संसार के लोगों को तीनों प्रकार के दुखों से मुक्ति मिलेगी। कार्यक्रम की सारस्वत अतिथि प्रो. रश्मि सिंह ने कहा कि पंडित प्रेमनारायण द्विवेदी का साहित्य बहुआयामी एवं बहुउपयोगी है। द्विवेदी जी का साहित्य बहुआयामी है, उनके मौलिक और अनूदित साहित्य में विविध विधाओं को सम्मिलित किया है। अध्यक्षता करते हुए प्रो. राजेंद्र यादव ने कहा कि संस्कृत देवभाषा के पूर्व प्रकृति की भाषा है। संस्कृत भाषा देव भाषा है। इसे धरती की सबसे प्राचीन भाषा होने का गौरव प्राप्त है। यह प्रकृति के सन्निकट हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. रामहेत गौतम ने कहा कि द्विवेदी जी का साहित्य लोक मुक्ति का पथ प्रशस्त करता है
पुस्तक विमोचन
डॉ. रामरतन पांडे द्वारा लिखित सागर की सारस्वत साधना पुस्तक का लोकार्पण हुआ। पुस्तक सागर में जन्में या सागर को अपनी कर्मभूमि बनाने वाले देश के लब्ध प्रतिष्ठित 44 विद्वानों विद्वानों के जीवन और कृत्तित्व पर केंद्रित है। संचालन डॉ. नौनिहाल गौतम ने स्वागत वक्तव्य डॉ. ऋषभ भारद्वाज ने तथा आभार डॉ. भुवनेश्वर तिवारी ने किया। कार्यक्रम में डॉ. अनिल कुमार तिवारी, डॉ. सत्यनारायण देवलिया, डॉ. राम रतन पांडे, टीकाराम त्रिपाठी, डॉ. सुखदेव मिश्र, डॉ. भुवनेश्वर प्रसाद तिवारी, डॉ. किरण आर्य, डॉ. अश्विनी सागर, डॉ. अभय कुमार, डॉ. शशिकुमार सिंह, ममता भूरिया, दीक्षा सबले, राजनंदनी दांगी, डॉ. खुशबू ठाकुर, सूर्यकांत द्विवेदी, दीपाली बहादुर, संघमित्रा गुरु, आर्ची जैन, शिक्षा नायक, शक्ति दुबे, संतोष कुमार, सौरभ मिश्र, शैलेश तिवारी, त्रिलोक दुबे, अभिनव सिंह, अभिषेक लखेरा, लोकेश कुमार, राकेश अहिरवार, रविभूषण कुमार, अनुराग पराशर, सुधांशु कुमार, जगदेव पांडे, चंद्रपाल लोधी, अनूप नारायण गौतम, योगेश गुरु, राजा सिंह राजपूत, पं. शक्ति मिश्र रोशन सिंह, संजना सिंह, उमेश दत्त अग्निहोत्री, आदित्य ताम्रकार, दिग्विजय तिवारी, मनीष मांझी, नेहा मालवीय, प्रीति लोधी, कंचन साहू, सत्यम प्रकाश उपस्थित रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here