सागर : जमीन विवाद को लेकर सरेड़ी में तनाव, ग्रामीणों ने जनपद प्रतिनिधि पर लगाए गंभीर आरोप

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सागर : जमीन विवाद को लेकर सरेड़ी में तनाव, ग्रामीणों ने जनपद प्रतिनिधि पर लगाए गंभीर आरोप

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सागर जिले के ग्राम सरेड़ी में जमीन को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। गांव के लोगों ने शुक्रवार को जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि पृथ्वी सिंह ठाकुर पर उनकी कृषि भूमि पर कब्जा करने और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं।
अपना विरोध दर्ज कराने के लिए शनिवार को ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर बड़ी संख्या में सागर पहुंचे। यहां उन्होंने एसपी और कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने एसपी के नाम एक ज्ञापन गोपालगंज थाना प्रभारी को सौंपा। थाना प्रभारी ने मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।
ग्रामीणों के मुताबिक, सरेड़ी गांव में उनकी पुश्तैनी खेती की जमीन है, जिस पर पिछले डेढ़ साल से लगातार कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 अप्रैल की रात जब वे अपने खेत में पिलाऊ (खेती से जुड़ा कार्य) करने जा रहे थे, तभी पृथ्वी सिंह ठाकुर अपने 6-7 साथियों के साथ पहुंचे और उनके साथ मारपीट की। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस घटना की शिकायत बहेरिया थाने में की, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
एसपी कार्यालय में ज्ञापन सौंपते हुए ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनकी कब्जाई गई जमीन उन्हें वापस दिलाई जाए। इसके साथ ही उन्होंने कलेक्टर कार्यालय में भी अपनी शिकायत प्रस्तुत की है। मौके पर मौजूद गोपालगंज थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने जांच के बाद आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।
वहीं, दूसरी ओर जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि पृथ्वी सिंह ठाकुर ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि शिकायत करने वाले ग्रामीण खुद ही सरकारी और गौचर भूमि पर अवैध कब्जा किए हुए हैं। उन्होंने बताया कि जिस जमीन को लेकर विवाद हो रहा है, वहां जनपद पंचायत की ओर से पौधरोपण का प्रस्ताव पारित किया गया था और उस स्थल का निरीक्षण तत्कालीन एसडीएम अदिति यादव भी कर चुकी हैं।
पृथ्वी सिंह ठाकुर के अनुसार, ग्रामीण उसी पौधरोपण वाली जमीन पर पिलाऊ का काम कर रहे थे, जिसे रोकने के लिए उन्हें समझाइश दी गई थी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।

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