सड़क हादसों पर सख्ती: सागर में बनेगी डेथ रिव्यू कमेटी, अवैध मीडियन कट पर होगी एफआईआर
सागर। जिले में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को शून्य तक लाने के लक्ष्य के साथ शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अभय मनोहर सप्रे ने की। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं ईश्वर की मर्जी नहीं, बल्कि मानवीय और तकनीकी चूक का परिणाम हैं, जिन्हें बेहतर प्रबंधन से रोका जा सकता है।
बैठक में कलेक्टर प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, आरटीओ मनोज तेनगुरिया सहित एनएचएआई, एमपीआरडीसी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
जस्टिस सप्रे ने जिले के ब्लैक स्पॉट्स पर किए गए सुधार कार्यों की सराहना करते हुए शेष दुर्घटना संभावित स्थलों पर भी जल्द आवश्यक सुधार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनआंदोलन बनाया जाए और युवाओं को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया जाए।
बैठक में हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग को लेकर विशेष अभियान चलाने, सभी सड़कों के गड्ढों की तत्काल मरम्मत, सड़क निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा भविष्य में नए ब्लैक स्पॉट बनने से रोकने के निर्देश दिए गए।
सेवलाइफ फाउंडेशन द्वारा चिन्हित जिले के 152 दुर्घटना संभावित स्थलों और एनएच-44 के ब्लैक स्पॉट्स पर त्वरित सुधार कार्य कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में ‘नो हेलमेट-नो अटेंडेंस’ और ‘नो हेलमेट-नो फ्यूल’ जैसी व्यवस्था लागू करने के सुझाव पर भी चर्चा हुई। इसके तहत शासकीय कर्मचारियों के लिए हेलमेट अनिवार्य करने और चरणबद्ध तरीके से बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने की योजना पर विचार किया गया।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने स्पष्ट किया कि राजमार्गों पर अवैध मीडियन कट बनाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। साथ ही ड्रंक एंड ड्राइव, ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग के खिलाफ लगातार अभियान चलाने तथा एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम कम कर ‘गोल्डन आवर’ में बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि जिले में होने वाली प्रत्येक घातक सड़क दुर्घटना की विस्तृत जांच के लिए ‘डेथ रिव्यू कमेटी’ गठित की जाएगी, जो दुर्घटना के कारण, समय, स्थान, वाहन के प्रकार और हेलमेट या सीट बेल्ट के उपयोग जैसे पहलुओं का विश्लेषण करेगी।
बैठक के अंत में प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि वे दोपहिया वाहन चलाते समय आईएसआई मानक हेलमेट, चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, ओवरस्पीडिंग से बचें और यातायात नियमों का पालन कर सड़क सुरक्षा में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।


