मुख्य विषय-वस्तु पर जाएं (Skip to main content)

सर्राफा व्यापारियों से लूट का खुलासा, अंतर्राज्यीय ऐरागोल्ला गैंग के 3 सदस्य गिरफ्तार

By: गजेंद्र ठाकुर•
Sponsor Ad
सर्राफा व्यापारियों से लूट का खुलासा, अंतर्राज्यीय ऐरागोल्ला गैंग के 3 सदस्य गिरफ्तार

सर्राफा व्यापारियों से लूट का खुलासा, अंतर्राज्यीय ऐरागोल्ला गैंग के 3 सदस्य गिरफ्तार

बालाघाट। सर्राफा व्यापारियों को रेकी के बाद निशाना बनाकर लूट करने वाले अंतर्राज्यीय ऐरागोल्ला गैंग का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर दोनों वारदातों में लूटे गए करीब 22 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, 5 अगस्त को किरनापुर थाना क्षेत्र के रजेगांव में सर्राफा व्यापारी दुकान बंद कर आभूषणों से भरे दो बैग लेकर घर जा रहा था। रास्ते में मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने उसे रोककर दोनों बैग लूट लिए थे। इसके बाद 28 अगस्त को लांजी थाना क्षेत्र में भी इसी तरह एक सर्राफा व्यापारी की मोटरसाइकिल रोककर मारपीट की गई और आभूषण व नकदी से भरे थैले लूट लिए गए थे।

65 दिन चला अंतर्राज्यीय सर्च ऑपरेशन

एसपी बालाघाट के निर्देशन में 5 अगस्त से 8 अक्टूबर तक पुलिस की 14 टीमों ने मध्यप्रदेश सहित 5 राज्यों के 21 जिलों में आरोपियों की तलाश की। टीमों ने करीब 22,270 किलोमीटर की यात्रा की और 76 पुलिसकर्मियों ने 149 दिवस मैदानी कार्रवाई की। इस दौरान करीब 190 लोगों से पूछताछ, 6 जेलों में बंद आरोपियों से पूछताछ, 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और 6,24,588 टेलीफोन रिकॉर्ड का तकनीकी विश्लेषण किया गया।

सीसीटीवी और मोबाइल रिकॉर्ड से मिली कड़ियां

पुलिस ने रजेगांव से रायपुर, ओडिशा, संबलपुर और महासमुंद तक अलग-अलग स्थानों के सीसीटीवी फुटेज का समय-क्रम के आधार पर मिलान किया। साइबर सेल ने घटनास्थल और संभावित मार्गों से जुड़े मोबाइल नंबरों की गतिविधियों का विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों और मैदानी सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा में दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

रेकी के बाद वारदात, पहचान छिपाने के लिए बदलते थे तरीका

जांच में सामने आया कि आरोपी सर्राफा व्यापारियों की पहले रेकी करते थे। वारदात में बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल किया जाता था। पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहनने, कपड़े बदलने और रास्ते में मोटरसाइकिल बदलने जैसी सावधानियां बरती जाती थीं। वारदात के बाद आरोपी दूसरे राज्यों की ओर निकल जाते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी डिजिटल पहचान से बचने के लिए व्यक्तिगत सिम और सामान्य मोबाइल हैंडसेट का सीमित उपयोग करते थे।

पुलिस ने दोनों मामलों में करीब 22 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों से ओडिशा और अन्य राज्यों में हुई इसी तरह की वारदातों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।

गजेंद्र ठाकुर

By: गजेंद्र ठाकुर

खबर का असर .com (KKA) डिजिटल टीम - निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता के साथ खबरों की ग्‍लोबल अपडेट्स।

61,87,654 +
Total Visitors

अन्य संबंधित और ताज़ा ख़बरें

सभी समाचार देखें →