सागर में तीन लाख की गोदाम में चोरी , पूर्व एसपी के जाते ही अपराध नियंत्रण की चुनौती
सागर। जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली और अपराधों पर नियंत्रण को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के तबादले के बाद शहर सहित जिले में सामने आ रही आपराधिक घटनाओं ने पुलिस की सक्रियता को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, अपराधों में बढ़ोतरी के किसी निश्चित रुझान की पुष्टि के लिए तुलनात्मक आंकड़ों की जरूरत होगी, लेकिन हालिया घटनाएं पुलिस के सामने चुनौती जरूर पेश कर रही हैं।
ताजा मामला कैंट थाना क्षेत्र के ग्राम पटकुई स्थित एक गोदाम से करीब तीन लाख रुपये का सामान चोरी होने का है। मोबाइल दुकान संचालक आकाश फब्बानी की शिकायत पर पुलिस ने दो लोगो के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। शिकायत के मुताबिक, गोदाम से स्पीकर, एयरबड्स और अन्य सामान गायब हुआ। फरियादी ने चोरी की अवधि 28 सितंबर से 18 अक्टूबर के बीच बताई है। मामले में आरोपों की जांच और चोरी गए सामान की वास्तविक कीमत का मिलान होना बाकी है,वहीं बीते दिन नरयावली थाना के लुहारी ग्राम में जैन मंदिर में बड़ी चोरी की वारदात हो गयी, शहर में भी गोपालगंज थाना इलाके में लूट का मामला सामने आया हैं।
आईपीएस सुजानिया की कार्यशैली की हो रही चर्चा
पूर्व एसपी अनुराग सुजानिया के कार्यकाल में पुलिस अमले को सक्रिय रखने और फील्ड में निगरानी पर जोर दिए जाने की चर्चा रही। बताया जाता है कि वे कार्यालयीन कार्य निपटाने के बाद खुद भी क्षेत्र का भ्रमण करते थे। थाना स्तर पर पुलिस की सक्रियता बनाए रखना और अपराधियों पर दबाव कायम करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा माना जाता था। उनके तबादले से तीन दिन पहले से छुट्टी पर रहने की बात भी सामने आई है।
नए एसपी के सामने बड़ी चुनौती
नवागत पुलिस अधीक्षक संजीव सिंहा के सामने अब जिले में अपराध नियंत्रण के साथ पुलिस व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने की चुनौती है। थाना प्रभारियों की जवाबदेही तय करना, विवेचनाओं की नियमित समीक्षा, अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई और फील्ड में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है।
अब देखना होगा कि नए एसपी किस तरह अपनी कार्ययोजना लागू करते हैं और पुलिस अमले को कितना सक्रिय बना पाते हैं। साथ ही, गंभीर शिकायतों और अपराधों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने तथा जरूरत के मुताबिक विभागीय पदस्थापन में बदलाव जैसे कदमों पर भी नजर रहेगी।
सवाल यही है कि सागर पुलिस अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कितनी तेजी से सक्रिय होती है और आमजन में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करने के लिए नए एसपी की रणनीति जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती है।








