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MP News: देवरी से सागर तक स्मैक का कथित जाल! 2022 में स्मैक पकड़ने के बाद भी नहीं थमा कारोबार, युवा पीढ़ी पर मंडरा रहा खतरा

By: गजेंद्र ठाकुर
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MP News: देवरी से सागर तक स्मैक का कथित जाल! 2022 में स्मैक पकड़ने के बाद भी नहीं थमा कारोबार, युवा पीढ़ी पर मंडरा रहा खतरा

देवरी से सागर तक स्मैक का कथित जाल! 2022 में स्मैक पकड़ने के बाद भी नहीं थमा कारोबार, युवा पीढ़ी पर मंडरा रहा खतरा

सागर। करीब चार साल पहले 7 दिसंबर 2022 को तत्कालीन देवरी टीआई उपमा सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने 16.46 ग्राम स्मैक पकड़ी थी। बरामद स्मैक की कीमत करीब 1.65 लाख रुपए बताई गई थी। कार्रवाई के बाद उम्मीद थी कि क्षेत्र में नशे के कारोबार पर अंकुश लगेगा, लेकिन इसके बाद भी स्मैक की उपलब्धता को लेकर सवाल लगातार बने हुए हैं।

कार्रवाई हुई, लेकिन सप्लाई लाइन तक पहुंच नहीं

देवरी क्षेत्र में समय-समय पर स्मैक से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं। 2024 में दो युवकों की गिरफ्तारी और 2025 में बेलढाना क्षेत्र से 35.87 ग्राम स्मैक के साथ तीन आरोपियों की गिरफ्तारी ने भी यह सवाल खड़ा किया कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में नशे का पदार्थ क्षेत्र में पहुंच कैसे रहा है।

युवाओं में बढ़ती लत चिंता का विषय

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक स्मैक का नशा अब युवाओं के बीच भी पहुंच रहा है। यदि यह दावा सही है तो मामला केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि सामाजिक चिंता का भी है। नशे की गिरफ्त में पहुंच रहे युवाओं के पीछे सक्रिय सप्लाई नेटवर्क पर कार्रवाई किए बिना समस्या का स्थायी समाधान मुश्किल है।

रसूखदारों के संरक्षण की चर्चा

क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि कथित नशे के कारोबार से जुड़े कुछ लोगों की पहुंच प्रभावशाली लोगों तक है। हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पुलिस के लिए जरूरी है कि इन चर्चाओं की निष्पक्ष जांच हो और यदि कोई संरक्षण या नेटवर्क सामने आता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

देवरी से पूरे सागर तक फैले जाल का दावा!

सूत्रों का दावा है कि स्मैक का कथित कारोबार केवल देवरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका जाल देवरी से निकलकर सागर शहर और जिले के अन्य हिस्सों तक फैला हो सकता है। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यदि पुलिस के पास भी ऐसी सूचनाएं हैं तो जांच का दायरा बढ़ाकर सप्लाई के स्रोत और पूरे नेटवर्क तक पहुंचना जरूरी है।

अब सवाल छोटे आरोपियों का नहीं, बड़े नेटवर्क का

स्मैक के खिलाफ कार्रवाई में अक्सर सेवन करने वालों या छोटे स्तर पर पदार्थ रखने वालों की गिरफ्तारी सामने आती है। असली चुनौती उन लोगों तक पहुंचने की है जो इस नशे को क्षेत्र में पहुंचा रहे हैं। पुलिस पुराने मामलों में पकड़े गए आरोपियों के संपर्क, सप्लाई चैन और आर्थिक लेनदेन की कड़ियां खंगाले तो कई अहम सुराग सामने आ सकते हैं।

पुलिस प्रशासन के सामने सीधी चुनौती

2022 की कार्रवाई के बाद भी यदि देवरी में स्मैक की उपलब्धता को लेकर शिकायतें और चर्चाएं जारी हैं तो पुलिस की निगरानी और खुफिया तंत्र पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब जरूरत ऐसी कार्रवाई की है जो केवल एक-दो आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहे, बल्कि नशे की सप्लाई की जड़ तक पहुंचे।

गजेंद्र ठाकुर

By: गजेंद्र ठाकुर

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