जिला अधिवक्ता संघ, सागर: अध्यक्ष पद के लिए 24 सितंबर को दोबारा होगी मतगणना
सागर। जिला अधिवक्ता संघ, सागर के अध्यक्ष पद के मतों की पुनर्गणना आगामी 24 सितंबर 2026 (गुरुवार) को दोपहर 1:30 बजे की जाएगी। इस संबंध में मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद, जबलपुर की विशेष समिति द्वारा शनिवार को आदेश जारी किया गया है।
हाईकोर्ट के आदेश पर हुई सुनवाई माननीय उच्च न्यायालय की डबल बेंच द्वारा 3 सितंबर 2026 को दिए गए आदेश के पालन में राज्य अधिवक्ता परिषद की विशेष समिति ने अध्यक्ष पद के सभी प्रत्याशियों तथा जिला निर्वाचन अधिकारी के. पी. दुबे के पक्षों और साक्ष्यों की 11 सितंबर को सुनवाई की थी। इसके पश्चात 19 सितंबर को अंतिम आदेश जारी किया गया।
वीडियोग्राफी की निगरानी में होगी प्रक्रिया जारी आदेश के अनुसार, 24 सितंबर को अध्यक्ष पद के संपूर्ण मतों की पुनर्गणना पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराई जाएगी। मतगणना प्रक्रिया की पूरी वीडियोग्राफी कराई जाएगी, जिसकी रिकॉर्डिंग चुनाव अधिकारी के. पी. दुबे के पास सुरक्षित रहेगी।
पूर्व न्यायाधीश संजय द्विवेदी होंगे पर्यवेक्षक पुनर्गणना को निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए उच्च न्यायालय जबलपुर के पूर्व न्यायाधीश माननीय जस्टिस संजय द्विवेदी को पर्यवेक्षक (Observer) नियुक्त किया गया है।
उप-निर्वाचन अधिकारी एवं प्रवक्ता महेश नेमा ने बताया कि राज्य अधिवक्ता परिषद के निर्देशों के तहत पुनर्गणना की सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
मामले और चुनाव से जुड़ी विस्तृत जानकारी:
मतदान की संख्या (कितने वोट पड़े?):
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जिला अधिवक्ता संघ, सागर के चुनाव में कुल 1,336 अधिवक्ताओं ने मतदान किया था।
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मतगणना के दौरान अध्यक्ष पद के लिए कुल मतों की संख्या (1,350 अथवा 1,355) को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था।
मुख्य उम्मीदवार कौन-कौन थे?
अध्यक्ष पद के लिए मुख्य मुकाबला निम्नलिखित प्रत्याशियों के बीच था:
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एडवोकेट अंकलेश्वर दुबे (अन्नी दुबे)
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एडवोकेट संजय द्विवेदी
पूरा मामला क्या है?
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शुरुआती परिणाम: 21 अगस्त 2026 को मतदान के बाद 22 अगस्त को मतगणना हुई थी। शुरुआती मतगणना में अंकलेश्वर दुबे को मात्र 7 वोटों के अंतर से विजयी घोषित किया गया था।
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विवाद और शिकायत: प्रत्याशी संजय द्विवेदी ने मतों की गिनती में भिन्नता (1,350 के बजाय 1,355 मतपत्र गिने जाने के दावे) को लेकर आपत्ति दर्ज कराई और मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद (स्टेट बार काउंसिल), जबलपुर में अपील की।
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हाईकोर्ट व राज्य अधिवक्ता परिषद का रुख: मामले पर हाईकोर्ट और स्टेट बार काउंसिल की विशेष समिति द्वारा सुनवाई की गई।








