186 साल पुरानी तिसाला बड़ी पूजा रथ यात्रा 31 जुलाई को निकलेगी, अष्टकुंडीय रथ और श्रीराम अखाड़ा होंगे आकर्षण का केंद्र
सागर। शहर की 186 वर्ष पुरानी सार्वजनिक तिसाला बड़ी पूजा रथ यात्रा इस वर्ष 31 जुलाई को निकाली जाएगी। आयोजन समिति के अनुसार रथ यात्रा दोपहर 1 बजे शीतला माता मंदिर, भीतर बाजार से प्रारंभ होकर चूना की डांट, नमक मंडी, कटरा मस्जिद, राधा तिकटड़ा, पुरानी सदर होते हुए सेमरा पहुंचेगी, जहां रथ का विधिवत विसर्जन किया जाएगा। यात्रा मार्ग पर 100 से अधिक स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत एवं प्रसादी वितरण किया जाएगा।
रथ यात्रा में 20 अखाड़े, 10 बैंड पार्टियां, हाथी, घोड़े, रमतुला दल, दलदल घोड़ी और 10 भजन मंडलियां शामिल होंगी। इस बार अष्टकुंडीय रथ का भव्य गुंबद और श्रीराम अखाड़े के करतब मुख्य आकर्षण रहेंगे। रथ निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री अहमदाबाद, दिल्ली और इंदौर से मंगाई गई है तथा गुंबद को विशेष मखमली कपड़े से तैयार किया जा रहा है।
आयोजन समिति ने बताया कि धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत 20 जुलाई से होगी, जो 24 जुलाई तक चलेंगे। इस दौरान सात धार (जल) छोड़ी जाएगी। 25 जुलाई को शीतला माता मंदिर में प्रसाद का भोग लगाया जाएगा और परंपरागत रूप से भीखी मांगी जाएगी। 27 जुलाई को बिसौला मनाया जाएगा।
समिति के अनुसार रथ यात्रा की विशेष परंपरा के तहत श्रद्धालुओं का नींबू से उतारा किया जाएगा, जिसे शुभ और मंगलकारी माना जाता है। वहीं श्रीराम अखाड़े के उस्ताद गोलू और बबलू के निर्देशन में छोटे बच्चे हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत करेंगे। आयोजन समिति का दावा है कि इस वर्ष भी रथ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रहेगी और भीतर बाजार क्षेत्र को दुल्हन की तरह सजाया जाएगा।


