सागर लोकायुक्त के मामलों में सजा: मंडी के दो कर्मचारी व टीकमगढ़ का रोजगार सहायक दोषी
सागर। लोकायुक्त पुलिस इकाई सागर द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के दो अलग-अलग प्रकरणों में माननीय विशेष न्यायालयों ने आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कारावास एवं जुर्माने की सजा सुनाई है। एक मामला सागर जिले के बीना कृषि उपज मंडी से संबंधित है, जबकि दूसरा मामला टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत से जुड़ा हुआ है।
लोकायुक्त पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सागर स्थित विशेष न्यायालय ने कृषि उपज मंडी बीना के तत्कालीन सहायक ग्रेड-3 नितिन रैकवार एवं मंडी सचिव नवल सिंह रघुवंशी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए प्रत्येक को 4-4 वर्ष के सश्रम कारावास तथा अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय द्वारा यह फैसला 13 मई 2026 को सुनाया गया।
बताया गया कि दोनों आरोपियों के विरुद्ध लोकायुक्त पुलिस सागर ने भ्रष्टाचार से संबंधित प्रकरण दर्ज कर जांच प्रस्तुत की थी। न्यायालय में अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर आरोप सिद्ध पाए गए, जिसके बाद अदालत ने यह दंडादेश पारित किया।
वहीं दूसरे मामले में टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत बड़माडई खास के तत्कालीन रोजगार सहायक सरजू विश्वकर्मा को भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी करार देते हुए 4 वर्ष के कारावास एवं जुर्माने की सजा सुनाई गई है। इस मामले में फैसला 11 मई 2026 को विशेष न्यायालय टीकमगढ़ द्वारा सुनाया गया।
लोकायुक्त पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है तथा दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाने के प्रयास जारी हैं। इन निर्णयों को लोकायुक्त संगठन की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।


