समय सीमा बैठक में कलेक्टर प्रतिभा पाल के सख्त निर्देश : नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा के प्रकरण समय सीमा से बाहर होने पर लगेगी पेनल्टी

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समय सीमा बैठक में कलेक्टर प्रतिभा पाल के सख्त निर्देश : नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा के प्रकरण समय सीमा से बाहर होने पर लगेगी पेनल्टी
सागर। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित समय-सीमा बैठक के दौरान विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यों में देरी और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लंबित राजस्व प्रकरणों, जल संकट के समाधान और मंडियों, उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
सीएम हेल्पलाइन: A-ग्रेड के लिए एक सप्ताह का लक्ष्य
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन (181) की समीक्षा करते हुए नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया किअगले एक सप्ताह के भीतर शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। अप्रैल माह की लंबित शिकायतों और 50 दिनों से अधिक पुराने प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर बंद कर जिले को A-ग्रेड में लाने के प्रयास किए जाएं।
राजस्व प्रकरणों में तहसीलदार और एसडीएम की जवाबदेही तय होगी।
राजस्व मामलों पर पाल ने कहा कि नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे के मामले समय-सीमा से बाहर नहीं जाने चाहिए। यदि राजस्व प्रकरण समय-सीमा के बाद लंबित पाए जाते हैं, तो संबंधित तहसीलदार पर पेनाल्टी (जुर्माना) लगाई जाएगी।आरसीएमएस पोर्टल पर कोई भी केस ओवरड्यू न हो। नकल प्राप्ति में हो रही देरी को देखते हुए इसके लिए एक विशेष एस ओ पी तैयार करने के निर्देश दिए गए।
रबी उपार्जन और कृषि कार्यों को लेकर कलेक्टर ने कहा कि अधिकारी स्वयं मंडियों का निरीक्षण करें। तपती गर्मी को देखते हुए किसानों के लिए छाया और ठंडे पेयजल की चाक-चौबंद व्यवस्था की जाए। बारदाना की उपलब्धता मांग के अनुसार दैनिक रूप से सुनिश्चित की जाए और परिवहन की गति बढ़ाई जाए। खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उपसंचालक कृषि ने बताया कि अब तक 9 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। डीडीए को निर्देश दिए गए कि वे संगोष्ठी आयोजित कर किसानों को समझाइश दें और पराली न जलाने के लिए जागरूक करें।
जलगंगा संवर्धन के अंतर्गत विभिन्न विभागों को सौंपे गए कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पीएचई विभाग को स्कूलों और आंगनवाड़ियों में पेयजल की वॉटर क्वालिटी टेस्टिंग करने और रिपोर्ट जिला पंचायत सीईओ को सौंपने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार जिला शिक्षा अधिकारी को सभी स्कूलों की पानी टंकियों की 100% सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया। जी एम डीआईसी को मई माह में औद्योगिक इकाइयों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और जुलाई में वृक्षारोपण की तैयारी के निर्देश दिए गए।
बैठक में कलेक्टर ने सभी जिला प्रमुखों को निर्देश दिए कि माननीय उच्च न्यायालय के प्रकरणों में समय रहते जवाब प्रस्तुत करें ताकि वे अवमानना की स्थिति में न बदलें। साथ ही, जनगणना कार्य के लिए सभी विभागाध्यक्षों को स्व गणना (स्वयं की गणना) पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक केवी, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर  अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट  गगन बिसेन सहित सभी एसडीएम एवं सभी विभागीय अधिकारी मौजूद रहे

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