डबल इंजन सरकार का दम: आत्मनिर्भरता की ओर मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक छलांग- डॉ लता वानखेड़े सांसद

डबल इंजन सरकार का दम: आत्मनिर्भरता की ओर मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक छलांग- डॉ लता वानखेड़े सांसद

डबल इंजन सरकार का दम: आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की ओर ऐतिहासिक छलांग

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्ष 2014 में भारत को आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान किया था, और उनका यह संदेश आज भी देशभर में गूंज रहा है। उन्होंने कहा था कि “राज्य खुद को आत्मनिर्भर बनाए बिना देश आत्मनिर्भर नहीं बन सकता।” इस दिशा में, मध्यप्रदेश ने प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में आत्मनिर्भरता की ओर तेज गति से कदम बढ़ाए हैं। जब तक राज्य सरकारें इस उद्देश्य को साकार करने के लिए ठोस कदम नहीं उठातीं, तब तक आत्मनिर्भरता की प्रक्रिया पूरी तरह से सुदृढ नहीं हो सकती। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की डबल इंजन सरकार ने न केवल राज्य को विकसित बनाने की दिशा में काम किया है, बल्कि इसे आत्मनिर्भर राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं।

मध्यप्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “आत्मनिर्भर भारत” और “मेक इन इंडिया” अभियानों को पूरी ताकत से लागू किया है। इसके परिणामस्वरूप राज्य ने सामाजिक और आर्थिक दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण स्थान हामिल किया है। राज्य की विकास यात्रा में बुनियादी ढांचे, रोजगार के अवसर और कृषि क्षेत्र में हुए क्रांतिकारी बदलावों ने इसे एक आदर्श राज्य बना दिया है। आज मध्यप्रदेश न केवल अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए काम कर रहा है, बल्कि यहां के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। इस सबका परिणाम यह है कि मध्यप्रदेश आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से अग्रसर हो रहा है और आने वाले समय में एक स्थिर और समृद्ध राज्य के रूप में उभरेगा।

मध्यप्रदेश सरकार ने औद्योगिकीकरण की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (GIS) ने राज्य के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रदेश में बीद्योगिक क्रांति लाने के उद्देश्य से ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) 2025 और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (RIC) के साझ प्रयासों से राज्य को कुल 32 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें 8 लाख करोड़ से अधिक के काम की घरातल पर उतारा जा चुका है। इस ऐतिहासिक निवेश के माध्यम से प्रदेश में लगभग 21 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है। हमारी सरकार का मुख्य लक्ष्य इन निवेशों के जरिए आईटी, अक्षय ऊर्जा, कपड़ा उद्योग और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर नौकरियां उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री जी के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, प्रदेश में पीएम मित्र पार्क जैसे उद्योग पार्क स्थापित किए गए हैं, जो प्रदेश के किसानों और युवाओं को रोजगार और विकास के अवसर प्रदान कर रहे हैं।

महात्मा गांधी जी ने कहा था कि भारत का विकास तभी संभव है जब गांवों का विकास होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इस विचार को साकार करने के लिए, “विकसित भारत रोजगार और ग्रामीण आजीविका मिशन (बीवी-जीरामजी)” नामक बहुआयामी योजना को लागू किया। इस योजना के तहत, मध्यप्रदेश राज्य ने अपने बजट में प्रावधान करते हुए गांवों के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी के “आत्मनिर्भर भारत” और “मेक इन इंडिया” अभियानों को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश सरकार गांवों का विकास कर रही है और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

भारत कृषि प्रधान देश है, और अधिकांश भारतीय गांवों में कृषि पर निर्भर लोग रहते हैं। इन किसानों की प्रगति और उन्नति के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने कई योजनाएं चलायी हैं। अब हम 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मना रहे हैं, जिसमें कृषि को रोजगार और उद्योग से जोड़कर किसानों की बेहतरी के साथ-साथ कृषि उद्योग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्नत तकनीक से खेती करने के लिए किसानों को

कम कीमत पर कृषि उपकरण भी किराए पर उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही, खाद्य प्रसंस्करण की इकाइयां स्थापित की जा रही हैं, ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न हो सकें।

जल संकट से निपटने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने “नदी जोड़ो योजना” की शुरुआत की है। केन-बेतवा, ताप्ती और पार्वती-कालीसिंध-चंबन जैसी परियोजनाओं से राज्य में जल संकट का समाधान होगा और कृषि के लिए भरपूर सिंचाई का पानी उपलब्ध होगा। वर्तमान में मध्यप्रदेश में 54.6 लाख हेक्टेयर में सिंचाई हो रही है, और आगामी पांच वर्षों में 100 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, किसानों के हित में ऋण, सिंचाई, फसल बीमा और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जैसी योजनाएं भी कार्यान्वित की जा रही हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने गरीबों, युवाओं, महिलाओं और किसानों के उत्थान के लिए कई योजनाएं बनाई हैं, जिन्हें मध्यप्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को पक्के घर मिल रहे हैं, और सशक्त राशन व्यवस्था के माध्यम से उन्हें सस्ता अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य योजनाओं से मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। युवाओं के लिए सरकारी भर्तियां, स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम और स्वरोजगार सहायता योजनाएं चलाई जा रही हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लाडली बहना योजना जैसी पहलें आर्थिक रूप से महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं, साथ ही उनकी सुरक्षा और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” मंत्र को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने जनजातीय समाज, महिलाओं और कमजोर वर्गों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के निए कई योजनाएं बनाई हैं। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण पहल जनजातीय समाज के लिए 40,000 करोड़ रुपये का बजट्ट निर्धारित किया गया है। ये योजनाएं प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर मिशन को साकार करने कम कीमत पर कृषि उपकरण भी किराए पर उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही, खाद्य प्रसंस्करण की इकाइयां स्थापित की जा रही हैं, ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न हो सकें।

जल संकट से निपटने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने “नदी जोड़ो योजना” की शुरुआत की है। केन-बेतवा, ताप्ती और पार्वती-कालीसिंध-चंबल जैमी परियोजनाओं से राज्य में जल संकट का समाधान होगा और कृषि के लिए भरपूर सिंचाई का पानी उपलब्ध होगा। वर्तमान में मध्यप्रदेश में 54.6 लाख हेक्टेयर में सिंचाई हो रही है, और आगामी पांच वर्षों में 100 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, किसानों के हित में ऋण, सिंचाई, फसल बीमा और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जैसी योजनाएं भी कार्यान्वित की जा रही हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और सुरक्षा भी मुनिश्चित होगी।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने गरीबों, युवाओं, महिलाओं और किसानों के उत्थान के लिए कई योजनाएं बनाई हैं, जिन्हें मध्यप्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को पक्के घर मिल रहे हैं, और सशक्त राजन व्यवस्था के माध्यम से उन्हें सस्ता अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य योजनाओं से मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। युवाओं के लिए सरकारी भर्तियां, स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम और स्वरोजगार सहायता योजनाएं चलाई जा रही हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लाडली बहना योजना जैसी पहलें आर्थिक रूप से महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं, साथ ही उनकी सुरक्षा और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” मंत्र को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने जनजातीय समाज, महिलाओं और कमजोर वर्गों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण पहल जनजातीय समाज के लिए 40,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। ये योजनाएं प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर मिशन को साकार करने में सहायक बनेंगी।

मध्यप्रदेश में 30 साल में अधिक समय से चली आ रही नक्सलवाद जैसी गंभीर समस्या को भी समाप्त कर दिया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने की तारीख निर्धारित की थी। केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ मिलकर, मध्यप्रदेश ने नक्सलवाद पूरी तरह से समाप्त कर दिया है, जिससे राज्य में शांति और सुरक्षा का माहौल बना है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के “एकात्म मानववाद” के सिद्धांत को प्रतिपादित करते हुए अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन को संवारने के लिए अनेकों योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मध्यप्रदेश सरकार भी इन योजनाओं को प्रभावी डंग से लागू करने में अग्रणी है। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्जवला योजना, आयुष्मान भारत, और जनधन योजना जैसी योजनाओं ने गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन योजनाओं का लाभ राज्य में अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है। लाखों परिवारों को पक्के मकान, मुफ्त गैस कनेक्शन, स्वास्थ्य बीमा और बैंकिंग सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे गरीबों की जीवनशैली में सुधार हुआ है और उन्हें बेहतर अवसर प्राप्त हुए हैं।

मध्यप्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से विकास का एक समावेशी मॉडल तैयार हुआ है, जिसमें समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का प्रयास किया जा रहा है। यह राज्य अब न केवल भारत में,

बल्कि वैश्विक स्तर पर एक आदर्श के रूप में स्थापित हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी सरकार देवतुल्य जनता के आशीर्वाद से मध्यप्रदेश को एक आत्मनिर्भर और विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए कृत संकल्पित है। आज, मध्यप्रदेश एक ऐसे राज्य के रूप में उभर रहा है, जहां केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का समन्वय विकास की नई गाथा लिख रहा है, और यह राज्य आदर्श के रूप में देश और दुनिया में प्रसिद्ध हो रहा है।

लेखक: डॉ लता गुड्डू वानखेड़े- भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश महामंत्री एवं लोकसभा सांसद

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